बंगाल के सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने अपने 31वें जन्मदिन को यादगार बना दिया। ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के पहले दिन उन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए तेजतर्रार अर्धशतक जमाया और अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। अच्छी लय में दिख रहे अभिमन्यु आखिरकार 72 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी इस पारी में 86 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और एक छक्का जड़ा, जिससे साफ पता चलता है कि वह पूरे समय आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते रहे।
ऋषभ पंत का रिकॉर्ड टूटा, चौथे नंबर पर पहुंचे अभिमन्यु
अभिमन्यु ने अपनी अर्धशतकीय पारी सिर्फ 46 गेंदों में पूरी की। इस तेज पारी ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने ऋषभ पंत को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने दो साल पहले यानी 2024 में 47 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। दिलचस्प बात यह है कि अभिमन्यु के सलामी जोड़ीदार वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में इसी टूर्नामेंट में 42 गेंदों में फिफ्टी जड़कर इस सूची में दूसरा स्थान हासिल किया था, यानी दोनों सलामी बल्लेबाज अब इस लिस्ट में एक साथ मौजूद हैं।
जडेजा का रिकॉर्ड अब भी अजेय
दलीप ट्रॉफी में सबसे तेज फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड आज भी भारतीय दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के नाम दर्ज है। जडेजा ने 2010 में महज 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। 16 साल बीत जाने के बाद भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में उनका यह रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया है। इस सूची के टॉप-3 में जडेजा और वैभव सूर्यवंशी के अलावा भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर का नाम भी शामिल है, जिन्होंने 2024 में 44 गेंदों में अर्धशतक जमाया था। यानी दलीप ट्रॉफी के इतिहास की सबसे तेज चारों पारियां बीते डेढ़ दशक के भीतर ही खेली गई हैं, जो इस बात का संकेत है कि हाल के वर्षों में इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजी का अंदाज कितना आक्रामक हो चुका है।
वैभव के साथ मिलकर रची शतकीय साझेदारी
मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने लिया था। पारी की शुरुआत करने उतरे अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने टीम को आक्रामक अंदाज में शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी निभाई और यह शतकीय साझेदारी महज 14.3 ओवर में ही पूरी हो गई, जो अपने आप में इस पूरी पारी की सबसे तेज-तर्रार झलक थी। वैभव सूर्यवंशी 44 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अभिमन्यु ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए अर्धशतक पूरा किया। ऐसा लग रहा था कि अभिमन्यु अपने जन्मदिन पर शतक भी जड़ देंगे, लेकिन 25वें ओवर में वह रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। जिस वक्त अभिमन्यु आउट हुए, उस समय ईस्ट जोन का स्कोर 133 रन पर 2 विकेट था और टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी।



















