पाकिस्तान में उपजे ताजा राजनीतिक और प्रशासनिक संकट की मार अब देश के घरेलू क्रिकेट ढांचे पर भी पड़ने लगी है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी प्रमुख प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड-1 के कई महत्वपूर्ण मुकाबलों के आयोजन स्थल बदलने का बड़ा कदम उठाया है। संघीय सरकार द्वारा प्रांत में आपातकाल की घोषणा करने और राज्यपाल शासन लागू करने के तुरंत बाद बोर्ड को यह आपातकालीन निर्णय लेना पड़ा है।
मैचों के आयोजन स्थलों में बड़ा फेरबदल
प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के मौजूदा सत्र का आयोजन अब तक चार प्रमुख शहरों इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर और एबटाबाद में सुचारू रूप से किया जा रहा था। हालांकि, राजनीतिक उथल-पुथल के केंद्र में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के आने के बाद पेशावर स्थित इमरान खान स्टेडियम और एबटाबाद क्रिकेट स्टेडियम में तय मुकाबलों को वहां से हटाने का फैसला किया गया। दूसरी ओर, संघीय राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी शहर रावलपिंडी में पूर्व निर्धारित मैच अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेंगे।
प्रतियोगिता का छठा दौर 12 अक्टूबर से शुरू होना था, लेकिन स्थानांतरित किए गए मुकाबलों की तारीखों में हल्का बदलाव किया गया है। पेशावर और एबटाबाद से हटाए गए मुकाबले अब 14 अक्टूबर से नए मैदानों पर शुरू होंगे। नए कार्यक्रम के तहत घानी और हैदराबाद किंग्समेन अकादमी के बीच का मुकाबला शेखूपुरा स्थित राणा नवीद अकादमी में आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइंस लिमिटेड और ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड की टीमों के बीच होने वाला मुकाबला लाहौर के एलसीसीए ग्राउंड पर खेला जाएगा, जो ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम के ठीक करीब स्थित है।
अंतिम दौर के शेड्यूल पर भी पड़ा असर
लीग चरण के छठे दौर में हुए इस फेरबदल का असर टूर्नामेंट के अंतिम चरण पर भी पड़ा है। टूर्नामेंट का आखिरी दौर पहले तय समय से एक दिन की देरी के साथ 19 अक्टूबर से शुरू होगा। इस अंतिम दौर के तहत मार्कहोर आईटी सॉल्यूशंस और पाकिस्तान टीवी के बीच का मुकाबला भी लाहौर के एलसीसीए ग्राउंड पर आयोजित होगा। वहीं, हैदराबाद किंग्समेन अकादमी और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के बीच होने वाली भिड़ंत इस्लामाबाद के नेशनल क्रिकेट ग्राउंड में संपन्न कराई जाएगी।
पेशावर के क्रिकेट प्रेमियों को लगा झटका
एबटाबाद क्रिकेट स्टेडियम को लंबे समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट की मेजबानी का अनुभव रहा है, जबकि पेशावर के इमरान खान स्टेडियम के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले सीजन में ही करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद इस ऐतिहासिक मैदान पर सीनियर पुरुष घरेलू क्रिकेट की वापसी संभव हो पाई थी, जब वहां कायदे-आजम ट्रॉफी के नौ मुकाबले आयोजित किए गए थे।
इस मैदान को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनीकरण कार्य कराया गया था और पीसीबी यहां भविष्य में बड़े स्तर के मैचों के आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहा था। यहां तक कि इस साल पेशावर को पहली बार पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के मैचों की मेजबानी का अधिकार भी सौंपा गया था, लेकिन मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता ने क्षेत्र में क्रिकेट आयोजनों की निरंतरता पर एक बार फिर पानी फेर दिया है।
























