क्राइस्टचर्च के मैदान पर खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने कड़े संघर्ष के बाद न्यूजीलैंड को चार विकेट से पराजित कर दिया। लगातार दूसरी हार झेलने के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम इस मुकाबले में हुई गलतियों की गहराई से समीक्षा करेगी। सैंटनर ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम के तीन युवा खिलाड़ियों, खासकर तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतिश कुमार रेड्डी की निडर बल्लेबाजी ने कीवी टीम के जबड़े से जीत छीन ली। भारतीय टीम ने इस जीत के साथ श्रृंखला में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है, जिससे घरेलू टीम पर भारी दबाव बन गया है।
तिलक वर्मा की परिपक्वता और मैच फिनिश करने का हुनर
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम जब दबाव में थी, तब बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने नाबाद 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया। मिचेल सैंटनर ने खुद इस मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए 21 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, लेकिन वह तिलक की जुझारू पारी को रोक नहीं पाए। मैच के बाद सैंटनर ने तिलक के खेल में आए बदलाव की सराहना की।
सैंटनर ने बताया कि जब तिलक ने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब वे अक्सर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी किया करते थे। ऊपरी क्रम और निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के मिजाज में काफी फर्क होता है। एक फिनिशर के तौर पर बल्लेबाज को पारी के बीच के ओवरों की परिस्थितियों को समझना होता है और फिर अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाने होते हैं। सैंटनर और तिलक आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं। कीवी कप्तान का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में तिलक ने अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती पर काफी काम किया है, जिससे वे दबाव भरे क्षणों में मुकाबले को सफलतापूर्वक खत्म करने की कला सीख चुके हैं।
नमन धीर और नीतिश कुमार रेड्डी का आक्रामक अंदाज
शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद भारतीय पारी लड़खड़ाई नहीं, जिसका श्रेय नमन धीर और नीतिश कुमार रेड्डी के बेखौफ रवैये को जाता है। नमन धीर ने क्रीज पर आते ही बिना किसी हिचक के बड़े शॉट खेले और कीवी गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। सैंटनर ने मुंबई इंडियंस के दौरान नमन के साथ बिताए वक्त को याद करते हुए उनकी निडर मानसिकता की तारीफ की।
पारी के अंतिम ओवरों में जब रन गति बढ़ाने की दरकार थी, तब नीतिश कुमार रेड्डी ने तिलक वर्मा का बखूबी साथ निभाया। रेड्डी की आक्रामक बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। सैंटनर ने कहा कि तिलक ने शुरुआत में अपनी नजरें जमाने में थोड़ा वक्त जरूर लिया, लेकिन बाद में नीतिश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर लक्ष्य का पीछा करने की पूरी योजना को सटीक तरीके से अंजाम दिया। किसी भी टीम के लिए जब मध्यक्रम के युवा खिलाड़ी इस तरह जिम्मेदारी उठाकर मैच खत्म करते हैं, तो विरोधी टीम के लिए वापसी करना बेहद कठिन हो जाता है।
मैदान पर छूटे मौके और फील्डिंग की खामियां
गेंदबाजी में चार विकेट चटकाने के बावजूद सैंटनर अपनी टीम के क्षेत्ररक्षण से काफी निराश नजर आए। उन्होंने माना कि दोनों टीमों की क्रिकेटिंग क्षमता और कौशल में ज्यादा अंतर नहीं था और मुकाबला बेहद नजदीकी था, लेकिन मैदान पर हुई कुछ छोटी गलतियों ने पूरे मैच का परिणाम बदल दिया। कीवी टीम रक्षात्मक स्थिति में एक समय काफी मजबूत दिख रही थी, लेकिन अंतिम ओवरों में कैच टपकाने और फील्डिंग में हुई अन्य चूकों ने मुकाबले को भारत की झोली में डाल दिया।
सैंटनर ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में मौकों को गंवाने की कोई गुंजाइश नहीं होती है। छोटे अंतर ही हार और जीत तय करते हैं। यदि उनकी टीम ने वे अहम कैच लपके होते, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।
गलतियों से सीख लेकर वेलिंगटन में उतरने की तैयारी
इस करारी हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम अपनी रणनीतियों और कमजोरियों का दोबारा विश्लेषण करेगी। सैंटनर ने कहा कि केवल हाथ से निकले मौकों पर अफसोस जताने से कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि टीम अपनी गलतियों से सबक लेकर सकारात्मक रुख के साथ अगले मुकाबले में उतरेगी।
पांच मैचों की इस श्रृंखला का अगला मैच अब वेलिंगटन में खेला जाएगा। वेलिंगटन का मैदान अपनी तेज और अप्रत्याशित हवाओं के लिए जाना जाता है, जहां मौसम के मिजाज के कारण गेंद को जज करना और कैच पकड़ना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। श्रृंखला में 2-0 से पीछे चल रही न्यूजीलैंड के लिए यदि वापसी की उम्मीदें जिंदा रखनी हैं, तो उन्हें वेलिंगटन में अपनी फील्डिंग के स्तर को उठाना होगा और पारी के अंतिम ओवरों की गेंदबाजी में भारी सुधार दिखाना होगा।
























