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क्रांति गौड़ की मां ने बेचे थे जेवर, बेटी अब T20 वर्ल्ड कप जीतकर देना चाहती है कर्ज का बदलाक्रिकेट
23 जून 2026, 2:05 pm (36 दिन पहले)· 4

क्रांति गौड़ की मां ने बेचे थे जेवर, बेटी अब T20 वर्ल्ड कप जीतकर देना चाहती है कर्ज का बदला

मध्य प्रदेश के गांव घुवारा से आई तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की मां ने उनकी क्रिकेट किट खरीदने के लिए अपने गहने बेच दिए थे। अब इंग्लैंड में T20 वर्ल्ड कप के दौरान क्रांति उस कुर्बानी को सच्चा सम्मान देने के इरादे से मैदान पर उतरती हैं।

मध्य प्रदेश के छोटे से गांव घुवारा से भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचना क्रांति गौड़ के लिए अकेले का सफर नहीं था, यह पूरे परिवार की जीत है। घर में हमेशा पैसों की तंगी रही, लेकिन जब बेटी के लिए क्रिकेट किट की ज़रूरत पड़ी तो मां ने बिना देर किए अपने जेवर बेच दिए। वह कुर्बानी आज भी क्रांति की रगों में जोश भरती है और इंग्लैंड में जारी T20 वर्ल्ड कप में वह उसी ताकत के साथ गेंद थामती हैं।

जब मां के गहनों ने खोला क्रिकेट का दरवाज़ा

क्रांति ने बेबाकी से बताया कि परिवार ने कैसे हर मुश्किल में उनका साथ दिया। उनके अपने शब्दों में, "मेरी मां ने मेरे लिए क्रिकेट किट खरीदने के लिए अपने गहने बेचे। यह बहुत बड़ी कुर्बानी थी। परिवार मेरे लिए इतना कर रहा था, तो मुझे जिम्मेदारी महसूस हुई। मैं उन्हें कुछ लौटाना चाहती थी। मैं उनकी कुर्बानी को मायने देना चाहती थी।" क्रांति का मानना है कि वह हमेशा अपने परिवार की ऋणी रहेंगी, जिन्होंने उन्हें वह आज़ादी दी जो उस दौर में बहुत कम बेटियों को नसीब होती थी।

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माता-पिता का भरोसा रहा सबसे बड़ा हथियार

जब क्रांति अपना करियर बना रही थीं, उस वक्त उनके आसपास कई लड़कियों को घर से बाहर निकलने तक की इजाज़त नहीं थी। लेकिन उनके माता-पिता की सोच अलग थी। क्रांति ने कहा, "उन्होंने कभी नहीं महसूस कराया कि मैं कुछ गलत कर रही हूं। उन्होंने मेरे सपने पर भरोसा किया। इससे मुझे आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को पाने की ताकत मिली। जब पता होता है कि परिवार साथ है, तो बाहर की दुनिया को नज़रअंदाज़ करना आसान हो जाता है।" जो लोग साथ नहीं थे उनकी बातों का उन पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि वे वैसे भी उनके साथ कभी नहीं थे।

घुवारा में आई नई क्रांति

क्रांति की सफलता का असर सिर्फ उनके अपने करियर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे गांव घुवारा की तस्वीर बदल गई। उन्होंने बताया कि ODI वर्ल्ड कप (2025) में उनके प्रदर्शन की वजह से वहां एक क्रिकेट अकादमी खुल गई है और अब कई लड़कियां वहां खेलने और सीखने आती हैं। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है। उनके माता-पिता अब अपनी बेटियों पर भरोसा कर रहे हैं और मान रहे हैं कि वे इस खेल में करियर बना सकती हैं।" क्रांति इन लड़कियों से नियमित मिलती हैं और उनका हौसला बढ़ाती हैं। वह कहती हैं कि वर्ल्ड कप जीत ने इस सामाजिक बदलाव में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

मैनचेस्टर में बांग्लादेश से निर्णायक मुकाबला

इंग्लैंड में जारी T20 वर्ल्ड कप में भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए मैनचेस्टर में बांग्लादेश के खिलाफ यह मैच जीतना ज़रूरी है। इस अहम मुकाबले के लिए क्रांति का फोकस बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा सोचती हूं कि मुझे अपना 100 प्रतिशत देना है। जो भी गेंद डालूं, उसमें अपना बेस्ट दूं। हम नई गेंदों पर काम करते हैं, लेकिन अपनी ताकत पर ज़्यादा ध्यान देते हैं, वही गेंदें जो हमें विकेट दिलाती हैं।"

सवाल-जवाब

क्रांति गौड़ कहां की रहने वाली हैं?
क्रांति गौड़ मध्य प्रदेश के गांव घुवारा की रहने वाली हैं।
क्रांति की मां ने उनके लिए कौन सी कुर्बानी दी थी?
क्रांति की मां ने उनके लिए क्रिकेट किट खरीदने के वास्ते अपने गहने बेच दिए थे।
घुवारा गांव में क्रिकेट अकादमी कैसे और क्यों खुली?
ODI वर्ल्ड कप (2025) में क्रांति गौड़ के प्रदर्शन की वजह से घुवारा गांव में एक क्रिकेट अकादमी खुली, जहां अब कई लड़कियां ट्रेनिंग लेती हैं।
T20 वर्ल्ड कप में भारत का अगला मुकाबला किस टीम से और कहां है?
भारत का अहम मुकाबला मैनचेस्टर में बांग्लादेश से है, जिसे सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीतना ज़रूरी है।
क्रांति गौड़ भारतीय महिला टीम में किस भूमिका में खेलती हैं?
क्रांति गौड़ भारतीय महिला क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज हैं।
क्रांति गौड़ अपने परिवार को क्या 'रिटर्न गिफ्ट' देना चाहती हैं?
वह इंग्लैंड में T20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करके और भारत को खिताब दिलाकर अपने परिवार को गर्व महसूस कराना चाहती हैं।
क्रांति गौड़ की गेंदबाज़ी रणनीति क्या है?
वह हर गेंद में 100 प्रतिशत देती हैं, नई गेंद पर काम करती हैं और सबसे ज़्यादा ध्यान उन गेंदों पर लगाती हैं जो उन्हें विकेट दिलाती हैं।
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