सर्दियों के दिनों में खानपान की आदतों में मेवों को शामिल करना शरीर को ऊर्जावान और अंदर से गर्म बनाए रखने का एक बेहद कारगर जरिया माना जाता है। नट्स की श्रेणी में बादाम अपने बेहतरीन स्वाद और पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण सबसे पसंदीदा विकल्पों में गिना जाता है। यात्रा के दौरान हल्का नाश्ता करना हो या शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन हो, बादाम सेहतमंद फैट्स और विटामिन्स की दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा कर देता है। नियमित खानपान में इसे शामिल करने से शरीर की कार्यप्रणाली में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
डॉक्टर सौरभ सेठी ने साझा किए वैज्ञानिक तथ्य
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस बात पर रोशनी डाली है कि हर दिन नियम से बादाम का सेवन करने से इंसानी शरीर पर किस तरह का असर होता है। उन्होंने अध्ययन आधारित ऐसे लाभ गिनाए हैं, जिनकी जानकारी अधिकांश लोगों को पहले से नहीं होती है। उनका स्पष्ट कहना है कि नियमित तौर पर मुट्ठी भर बादाम को आहार का हिस्सा बनाने से कई गंभीर शारीरिक परेशानियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत में सुधार
हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाए रखने के लिए बादाम का सेवन बेहद उपयोगी सिद्ध होता है। एक वैज्ञानिक मेटा-एनालिसिस के नतीजों से सामने आया है कि बादाम खाने से शरीर में मौजूद एलडीएल (LDL), जिसे आम बोलचाल में खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, उसमें लगभग 5 मिलीग्राम प्रति डेसीलिटर तक की गिरावट दर्ज की जाती है। जब रक्त नलिकाओं में खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है, तो रक्त संचार बेहतर बना रहता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
पाचन तंत्र और आंतों की मजबूती
पेट की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए भी बादाम एक प्राकृतिक उपचार जैसा काम करता है। मानक माप के अनुसार एक मुट्ठी यानी करीब 23 बादाम में लगभग 4 ग्राम प्राकृतिक फाइबर मौजूद होता है। यह प्रचुर फाइबर आंतों की सफाई और पाचन क्रिया को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे पेट से जुड़े विकारों में राहत मिलती है।
ब्लड शुगर नियंत्रण और भूख पर लगाम
कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के साथ बादाम को मिलाकर खाने से भोजन के तुरंत बाद खून में ग्लूकोज के स्तर में होने वाले अचानक उछाल को रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा, भूख को संतुलित रखने में भी यह असरदार है। एक मुट्ठी बादाम के जरिए शरीर को 6 ग्राम प्रोटीन और जरूरी हेल्दी फैट प्राप्त होता है। यह पोषक संयोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार अस्वास्थ्यकर चीजें खाने की आदत से बचाव होता है।
त्वचा की बनावट और झुर्रियों में कमी
उम्र के साथ त्वचा पर नजर आने वाले असर को धीमा करने में भी बादाम सहायक साबित हुआ है। एक विशेष क्लिनिकल अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला कि 24 हफ्तों तक लगातार बादाम का सेवन करने से चेहरे की झुर्रियों की गंभीरता में 16% तक की स्पष्ट कमी दर्ज की गई। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार बादाम को रातभर पानी में भिगोकर खाना सबसे उत्तम तरीका माना जाता है, जबकि सर्दियों के महीनों में इसे हल्का भूनकर भी डाइट में शामिल किया जा सकता है।



















