तटीय तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान मुरासु के चलते मौसम में आए बदलाव के बीच चेन्नई और नजदीकी इलाकों में शैक्षणिक संस्थानों के संचालन को लेकर स्थिति सामने आ गई है। रविवार देर रात से शुरू होकर सोमवार तक जारी रही तेज बारिश के कारण चेन्नई और तिरुवल्लूर जिला प्रशासन ने 2 नवंबर, सोमवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया था। इसके बाद 3 नवंबर यानी मंगलवार के दिन कक्षाएं लगेंगी या नहीं, इसे लेकर छात्र और अभिभावक स्पष्ट निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे थे।
मंगलवार के लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देश और अवकाश की स्थिति
चेन्नई जिला प्रशासन की तरफ से 3 नवंबर, मंगलवार के लिए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश का कोई नया सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा किसी विशेष नोटिस के अभाव में स्कूल सामान्य रूप से संचालित रहेंगे। हालांकि, जिन स्थानीय क्षेत्रों में अभी भी जलभराव बना हुआ है अथवा भारी बारिश जारी है, वहां के हालात को ध्यान में रखते हुए संबंधित प्रशासन और स्कूल प्रबंधन स्वयं निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
विभिन्न जिलों और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों की स्थिति
क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक स्थिति इस प्रकार है
- चेन्नई और तिरुवल्लूर: मंगलवार के दिन के लिए कोई केंद्रीकृत अवकाश घोषित नहीं किया गया है। स्थानीय स्कूल प्रबंधन अपने परिसर और पहुंच मार्ग की स्थिति देखकर निर्णय लेंगे।
- चेंगलपट्टू और कांचीपुरम: इन दोनों जिलों में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और वहां स्कूल सामान्य रूप से खुलने की संभावना है।
- आंध्र प्रदेश के तटीय जिले: चक्रवात के मुख्य लैंडफॉल क्षेत्र के निकटवर्ती जिलों जैसे नेल्लोर, बापटला और नरसपुर में सुरक्षा कारणों से स्थानीय प्रशासन ने स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित रखी है।
चक्रवात मुरासु का असर और बुनियादी ढांचे पर प्रभाव
चक्रवात मुरासु का मुख्य केंद्र भले ही आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर नेल्लोर और नरसपुर की ओर आगे बढ़ गया हो, लेकिन इसके बाहरी बादलों के घेरे के प्रभाव से उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हुई। चेन्नई के उत्तरी भागों में बारिश का सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। शहर में स्थित 22 सबवे में से 2 में पानी भर जाने से सड़क यातायात बाधित हुआ। इसी के साथ चेन्नई हवाई अड्डे पर तेज हवा और कम विजिबिलिटी के कारण कई उड़ानों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ा।
मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी
सोमवार को चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी, जिसमें ऑरेंज और रेड अलर्ट शामिल थे, के मद्देनजर एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए थे। मंगलवार, 3 नवंबर को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आकलन के अनुसार वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे तटीय इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।



















