सर्दियों के मौसम की शुरुआत होते ही खानपान में गर्माहट लाने वाली पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इस मौसम में गुड़, मूंगफली और सोंठ के मेल से बनी चीजें न केवल स्वाद देती हैं, बल्कि ठंड से राहत दिलाने में भी मददगार मानी जाती हैं। आमतौर पर लोग ऐसी पारंपरिक मिठाइयों के लिए बाजार के डिब्बाबंद उत्पादों पर निर्भर रहते हैं, जो अक्सर महंगे भी होते हैं। हालांकि, बेहद सीमित और सामान्य रसोई सामग्री की मदद से इस लोकप्रिय गुड़ पट्टी को बिना किसी झंझट के अपने घर पर ही ताजा तैयार किया जा सकता है।
चिक्की तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री का माप
घर पर एकदम कुरकुरी और संतुलित मिठास वाली चिक्की बनाने के लिए सामग्री का सटीक अनुपात बेहद महत्वपूर्ण होता है। गोंडा की रहने वाली गृहणी मीरा तिवारी ने इस पारंपरिक मिष्ठान को तैयार करने की पूरी विधि समझाई है। उनके बताए तरीके के अनुसार, इसके लिए मुख्य रूप से चार चीजों की आवश्यकता होती है। इसमें 250 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली और ठीक 250 ग्राम गुड़ लिया जाता है। इसके साथ ही स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर तथा भूनने और चिकनाई देने के लिए एक चम्मच देसी घी की जरूरत पड़ती है।
मूंगफली की सफाई, सुखाने और भूनने की सही प्रक्रिया
मीरा तिवारी के अनुसार, चिक्की बनाने की शुरुआत हमेशा मूंगफली की तैयारी से करनी चाहिए। सबसे पहले अच्छी किस्म के मूंगफली दानों को चुनकर साफ कर लें, ताकि उसमें किसी तरह की गंदगी या खराब दाने न रहें। साफ करने के बाद मूंगफली को थोड़ी देर धूप में सुखा लेना चाहिए, जिससे उसके भीतर की नमी निकल जाए। इसके बाद गैस पर कड़ाही रखकर उसे गर्म करें और उसमें एक चम्मच देसी घी डालें। घी पिघलने के बाद मूंगफली के दानों को कड़ाही में डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें। जब दाने भुन जाएं, तो उन्हें एक चौड़ी थाली में निकालकर ठंडा होने के लिए अलग रख दें। ठंडा हो जाने के बाद हाथों से मसलकर मूंगफली के सभी छिलके आसानी से अलग कर लिए जाते हैं।
गुड़ की चाशनी तैयार करना और उसकी सही पहचान
मूंगफली तैयार होने के बाद चाशनी पकाने का काम शुरू होता है। उसी कड़ाही में 250 ग्राम गुड़ डालें और आंच को धीमा रखें। गुड़ को अच्छी तरह पिघलाने के लिए आवश्यकतानुसार बिल्कुल थोड़ा सा पानी डाला जाता है। इसे लगातार करछुल से चलाते रहना चाहिए ताकि गुड़ कड़ाही के तले में चिपककर जले नहीं। चाशनी सही बनी है या नहीं, यह जांचने की एक बेहद सरल विधि है। कटोरी में सामान्य ठंडा पानी लें और उसमें चाशनी की एक बूंद टपकाएं। यदि पानी में गिरते ही चाशनी तुरंत जम जाए और हाथ से छूने पर सख्त महसूस होने लगे, तो यह इस बात का संकेत है कि गुड़ पूरी तरह पक चुका है।
सामग्री मिलाना, थाली में जमाना और सुरक्षित रखना
जब चाशनी पूरी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें भुनी हुई मूंगफली और आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर मिला दिया जाता है। इस दौरान मिश्रण को तेजी से और अच्छी तरह चलाना जरूरी है, ताकि हर एक मूंगफली के दाने पर गुड़ और सोंठ की परत समान रूप से चढ़ जाए। इसके तुरंत बाद एक बड़ी थाली या समतल प्लेट पर हल्का सा घी लगाकर चिकना कर लें और गर्म मिश्रण को उस पर फैला दें। कुछ समय के लिए इसे सामान्य तापमान पर ठंडा और जमने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब पट्टी हल्की सख्त होकर सेट हो जाए, तो चाकू की मदद से अपनी पसंद के अनुसार चौकोर या मनचाहे टुकड़ों में काट लें। पूरी तरह सूखने के बाद इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।



















