इंडियन प्रीमियर लीग के 2027 सत्र की रणनीतिक तैयारियां तेज हो चुकी हैं और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों के लिए अपने रिटेंशन पत्ते खोलने की समयसीमा तय कर दी है। इसी गहमागहमी के बीच पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे से बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। टीम प्रबंधन आगामी मिनी नीलामी में उतरने से पहले अपने खाली पड़े पर्स को फिर से भरने की गहरी रणनीति पर काम कर रहा है। पिछली बड़ी नीलामी में फ्रेंचाइजी ने भारी भरकम रकम खर्च करके दो अनकैप्ड युवा सितारों को अपने साथ जोड़ा था, लेकिन मैदान पर उम्मीद के मुताबिक रिटर्न न मिलने की वजह से अब उन पर तलवार लटकती दिखाई दे रही है।
पर्स की तंगी बनी रिलीज करने की मुख्य वजह
सीएसके के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द इस समय उपलब्ध फंड की भारी कमी है। फ्रेंचाइजी के पर्स में मौजूदा वक्त में केवल 2.4 करोड़ रुपये ही बाकी बचे हैं। अगर आगामी सत्र के लिए कुल बजट सीमा में सामान्य 5 करोड़ रुपये का इजाफा कर भी दिया जाए, तब भी टीम के पास कुल रकम बढ़कर महज 7.4 करोड़ रुपये के आसपास ही पहुंच पाएगी। इतनी सीमित राशि के साथ नीलामी की मेज पर उतरना किसी भी टीम के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है, क्योंकि अन्य प्रतिस्पर्धी फ्रेंचाइजियों के पास कहीं बड़ा बजट उपलब्ध रहेगा। ऐसे में किसी भी प्रमुख खिलाड़ी पर बोली लगाने की स्थिति में सीएसके पीछे छूट जाएगी। इसी वित्तीय अड़चन से पार पाने के लिए टीम प्रबंधन भारी कीमत वाले खिलाड़ियों को रिलीज करने का विकल्प तलाश रहा है, ताकि पर्स में पर्याप्त नकदी आ सके और बाद में जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से कम कीमत में खरीदा जा सके।
प्रशांत वीर पर खर्च हुए थे 14.20 करोड़ रुपये
साल 2026 के आईपीएल ऑक्शन में उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से ताल्लुक रखने वाले ऑलराउंडर प्रशांत वीर अचानक सबसे चर्चित नामों में शामिल हो गए थे। महज 30 लाख रुपये के बेस प्राइज के साथ नीलामी में उतरे इस खिलाड़ी पर लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस ने शुरुआती बोलियां लगाकर मुकाबले की शुरुआत की थी। इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद भी इस आक्रामक बिडिंग वॉर में कूद पड़े। देखते ही देखते बोली करोड़ों के आंकड़े को पार कर गई। सनराइजर्स हैदराबाद ने आखिरी दांव 14 करोड़ रुपये का लगाया था, लेकिन चेन्नई ने बाजी मारते हुए 14.20 करोड़ रुपये की अंतिम बोली लगाकर उन्हें अपनी झोली में डाल लिया। हालांकि, मैदान पर यह सौदा फायदे का साबित नहीं हुआ। प्रशांत वीर ने बीते सीजन में सीएसके के लिए 6 मुकाबले खेले, जिनमें उनके बल्ले से केवल 90 रन निकले और वे गेंद से एक भी विकेट चटकाने में नाकाम रहे। प्रदर्शन और कीमत के इस बड़े अंतर को देखते हुए उन्हें रिलीज किए जाने की चर्चा जोरों पर है।
कार्तिक शर्मा की कीमत और प्रदर्शन का गणित
ठीक ऐसी ही कहानी युवा बल्लेबाज कार्तिक शर्मा की भी रही, जिन्हें शामिल करने के लिए नीलामी हॉल में जबरदस्त होड़ मची थी। कार्तिक की बोली भी 30 लाख रुपये के आधार मूल्य से शुरू हुई थी। शुरुआत में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने आए, जिसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने भी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। अंतिम क्षणों में सनराइजर्स हैदराबाद ने एंट्री मारी और 14 करोड़ रुपये तक बोली खींच दी। अंततः चेन्नई सुपर किंग्स ने यहां भी 14.20 करोड़ रुपये की बोली लगाकर उन्हें अपने दल में शामिल किया था। पिछले सत्र में कार्तिक को कुल 11 मुकाबलों में मैदान पर उतरने का मौका मिला, जहां उन्होंने 295 रन बनाए। हालांकि उन्होंने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन 14.20 करोड़ रुपये के भारी भरकम निवेश की तुलना में टीम को मनमुताबिक परिणाम नहीं मिल सका।
15 नवंबर तक रिटेंशन लिस्ट और 16 दिसंबर को ऑक्शन
इन दोनों खिलाड़ियों को मिलाकर चेन्नई सुपर किंग्स ने अकेले 28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर दी थी, जिससे उसका पूरा पर्स एकतरफा खाली हो गया। अब आगामी सत्र की नीलामी 16 दिसंबर को आयोजित की जानी तय हुई है। इससे पहले सभी 10 फ्रेंचाइजियों को इसी महीने यानी 15 नवंबर तक अपनी अंतिम रिटेंशन और रिलीज लिस्ट आधिकारिक रूप से सौंपनी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि चेन्नई सुपर किंग्स 15 नवंबर को इन दोनों महंगे युवा खिलाड़ियों में से किसे टीम में बरकरार रखती है और किसे बाहर का रास्ता दिखाकर नए चेहरों के लिए अपने बैंक बैलेंस को दुरुस्त करती है।



















