बाजार में फल की दुकान पर सजे चमकीले सेब अक्सर हर किसी को आकर्षित करते हैं, लेकिन केवल उनकी चमक देखकर थैला भर लेना कई बार निराशाजनक साबित होता है। घर आकर जब सेब काटा जाता है, तो कभी वह अंदर से पिलपिला निकलता है तो कभी स्वाद में बिल्कुल फीका। फलों के चयन में थोड़ी सी सावधानी और सही परख आपको हमेशा बढ़िया, कुरकुरा और स्वादिष्ट फल दिलाने में मदद कर सकती है। फल विक्रेता अरविंद के अनुसार, सेब के चयन में उसकी किस्म, बनावट और वजन बहुत मायने रखते हैं।
गोल्डन डिलीशियस किस्म है मिठास की पहचान
अगर आपको बहुत ज्यादा मिठास और रस से भरपूर फल खाना पसंद है, तो गोल्डन डिलीशियस किस्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस वैरायटी के सेब को पहचानना बहुत आसान होता है क्योंकि इसका छिलका लाल होने के बजाय सुनहरा या पीला दिखाई देता है। प्राकृतिक रूप से यह किस्म अपने खास मीठे स्वाद और रसदार गूदे के लिए जानी जाती है, इसलिए खरीदारी करते समय इस पीले छिलके वाले फल पर विचार किया जा सकता है।
लाल रंग के धोखे में न आएं, किस्म के बारे में पूछें
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि जो सेब जितना गहरा लाल होगा, वह उतना ही ज्यादा मीठा और स्वादिष्ट होगा। हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं होता, क्योंकि बाजार में लाल रंग की ढेरों किस्में मौजूद होती हैं और हर किस्म का स्वाद पूरी तरह अलग होता है। कुछ लाल सेबों में हल्की खटास होती है जबकि कुछ में मिठास अधिक होती है। फल खरीदते वक्त दुकानदार से उसकी खास किस्म के बारे में जरूर जानकारी लें और अपने पसंदीदा स्वाद के अनुसार ही चुनाव करें।
दबाव डालकर जांचें फल का कड़ापन
सेब की ताजगी और उसकी कुरकुराहट परखने का सबसे व्यावहारिक तरीका उसे छूकर देखना है। एक ताजा और स्वस्थ सेब हाथ में पकड़ने पर कड़ा और ठोस महसूस होता है। फल को हल्के हाथ से दबाकर देखें, अगर वह हल्का सा जोर लगाते ही पिचक रहा है या बहुत ज्यादा नरम लग रहा है, तो समझ लें कि वह जरूरत से ज्यादा पक चुका है या लंबे समय से रखा हुआ है। ऐसे नरम सेब खाने में अंदर से भुरभुरे और बेस्वाद निकलते हैं।
आकार की तुलना में भारी फल का चुनाव करें
रसदार फल की एक बड़ी निशानी उसका आंतरिक घनत्व होता है। जब भी आप खरीदारी करें, लगभग एक समान आकार के दो सेब अपने दोनों हाथों में उठाएं और उनके वजन की तुलना करें। जो फल अपने आकार के अनुपात में थोड़ा ज्यादा भारी महसूस होता है, उसके भीतर भरपूर रस होने की संभावना काफी अधिक होती है। हालांकि, केवल भारी होने से मिठास तय नहीं होती, इसलिए अन्य पैमानों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
दाग-धब्बों और चोट के निशानों से दूरी बनाएं
सेब के छिलके की बाहरी परत उसके अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना होती है। फल को चारों तरफ से घुमाकर अच्छी तरह देखें कि उस पर कहीं गहरे कट, सड़न, काले बड़े धब्बे या दबने के निशान तो नहीं हैं। परिवहन के दौरान चोट खाए हुए सेब बहुत तेजी से अंदर से खराब होने लगते हैं। साफ और बेदाग छिलके वाला फल चुनना हमेशा सुरक्षित रहता है।
हल्की प्राकृतिक खुशबू से करें परख
ताजे फल की एक मंद और प्राकृतिक मीठी सुगंध होती है जो उसकी ताजगी की पुष्टि करती है। सेब को नाक के करीब लाकर सूंघें। अगर फल से हल्की और ताजी खुशबू आ रही है, तो वह खाने के लिए बेहतरीन है। इसके विपरीत, अगर उसमें से कोई अजीब, खट्टी या सड़न जैसी गंध आ रही हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। इन सभी बुनियादी बातों को ध्यान में रखकर आप हमेशा अपनी पसंद का स्वादिष्ट फल घर ला सकते हैं।


















