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न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज कर रहे हैं खास तैयारी, भारतीय बल्लेबाजों की पसलियों को निशाना बनाने की है रणनीतिक्रिकेट
23 अक्तू॰ 2026, 11:20 pm (4 दिन पहले)· 2

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज कर रहे हैं खास तैयारी, भारतीय बल्लेबाजों की पसलियों को निशाना बनाने की है रणनीति

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज आगामी मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं, जिसमें भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ हार्ड लेंथ गेंदबाजी का इस्तेमाल किया जाएगा।

क्रिकेट के खेल में बल्लेबाजों के लिए तेज गति से आने वाली गेंदों का सामना करना हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है। चाहे पुराने समय की बात हो या वर्तमान दौर की, पसलियों और कनपटी के करीब आने वाली शॉर्ट पिच गेंदों से निपटना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए कीवी टीम अपनी गेंदबाजी इकाई को पूरी तरह से मजबूत करने में जुटी है, ताकि विपक्षी बल्लेबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया जा सके।

मैट हेनरी, एडम मिल्ने, ल्यूकी फॉर्ग्यूसन, कायले जैमिसन और जैकब डफी जैसे प्रमुख गेंदबाज इस खास रणनीति पर अभ्यास कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी लंबाई पर लगातार गेंदबाजी करना है, जहां से गेंद अचानक उछाल लेती है और बल्लेबाजों को सहज शॉट खेलने से रोकती है। पिछले मुकाबलों के अनुभवों को देखते हुए तेज गेंदबाजों का यह समूह भारतीय बल्लेबाजी क्रम को शुरुआती झटके देने के लिए अपनी रफ्तार और सटीकता का पूरा इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है.

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हालिया मुकाबलों के अनुभवों से मिली सीख

भारतीय टीम ने जब पिछले दिनों आयरलैंड का दौरा किया था, तब वहां के गेंदबाजों ने एक खास रणनीति अपनाई थी। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाजों के खिलाफ शॉर्ट लेंथ गेंदों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे उन्हें खुलकर बड़े शॉट खेलने में परेशानी हुई थी। जय मूंद्रा और मैट होलार्ड की सटीक गेंदबाजी के आगे भारतीय बल्लेबाज असहज नजर आए थे और टीम को मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड के दौरे पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जहां जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की तेज गेंदबाजी के सामने भारतीय पारी ट्रेंटब्रिज में सिर्फ 77 रन पर सिमट गई थी। इन तमाम उदाहरणों से साफ है कि आगामी श्रृंखला में भी विरोधी खेमा इसी पुरानी और प्रभावी रणनीति को दोहराने की पूरी तैयारी में है.

कीवी टीम के तरकश में शामिल हैं रफ्तार के धुरंधर

न्यूजीलैंड ने आगामी टी-20 श्रृंखला के लिए अपने बेड़े में पांच तेज गेंदबाजों को शामिल किया है, जो अपनी गति के लिए जाने जाते हैं। मैट हेनरी और एडम मिल्ने लगातार 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। वहीं कायले जैमीसन की गति भले ही थोड़ी कम हो, लेकिन उनकी लंबाई उन्हें अतिरिक्त उछाल हासिल करने में मदद करती है, जो पिच पर बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। इसके अलावा जैकब डफी अपनी स्विंग के साथ-साथ इस खास लेंथ से विपक्षी टीम की परीक्षा लेने के लिए तैयार हैं। पांच मैचों की यह पूरी श्रृंखला मुख्य रूप से भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों और न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी तिकड़ी के बीच कड़े मुकाबले के रूप में देखी जा रही है.

सवाल-जवाब

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज किस रणनीति पर काम कर रहे हैं?
कीवी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों की पसलियों को निशाना बनाने के लिए हार्ड लेंथ और शॉर्ट पिच गेंदबाजी का अभ्यास कर रहे हैं।
न्यूजीलैंड के टी-20 स्क्वाड में कितने तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है?
आगामी टी-20 श्रृंखला के लिए पांच तेज गेंदबाजों को टीम में जगह दी गई है।
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों पर क्या समस्या आई थी?
भारतीय बल्लेबाजों को शॉर्ट लेंथ गेंदों के खिलाफ रन बनाने में परेशानी हुई थी और टीम कम स्कोर पर आउट हो गई थी।
कीवी गेंदबाजों की औसत गति क्या है?
मैट हेनरी और एडम मिल्ने जैसी गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की औसत गति से गेंदबाजी करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·3 दिन पहले

भारतीय बल्लेबाजों के लिए शॉर्ट पिच गेंदों का सामना करना हमेशा से मुश्किल रहा है। कीवी गेंदबाजों की यह रणनीति सीरीज को बेहद रोमांचक बना देगी, देखना होगा हमारे बल्लेबाज इससे कैसे निपटते हैं।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·3 दिन पहले

भारतीय बल्लेबाजों को शॉर्ट पिच गेंदों से निपटना ही होगा, तभी कीवी गेंदबाजों की यह चाल फेल होगी।

Divya Reddy@divya-reddy·3 दिन पहले

अर्शदीप, बात तो सही है, पर शॉर्ट पिच खेलना आसान थोड़ी होता है, खासकर जब सामने मिल्ने जैसे गेंदबाज हों।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·3 दिन पहले

ट्रेंटब्रिज में 77 रन पर सिमटने वाली बात सचमुच चौकाती है। कीवी गेंदबाजों के खिलाफ भी अगर ऐसा ही हाल रहा तो सीरीज रोमांचक हो जाएगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 दिन पहले

राजेश जी, बिल्कुल सही कहा। पिछली बार जब मैं इंग्लैंड गया था, तब ट्रेंटब्रिज में वो 77 रन वाला हाल अपनी आँखों से देखा था, सचमुच डरावना था।

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