मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला एकतरफा साबित हुआ, जहाँ मेजबान इंग्लैंड ने श्रीलंकाई टीम को खेल के हर विभाग में चारों खाने चित कर दिया। मेहमान टीम पहले बल्लेबाजी का न्योता पाकर महज 124 रन के स्कोर पर सिमट गई। इसके जवाब में मेजबान बल्लेबाजों ने आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 125 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 9.4 ओवरों में हासिल कर लिया। इस जबरदस्त जीत के साथ ही इंग्लिश टीम ने तीन मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया और इसके साथ ही विपक्षी खेमे के विरुद्ध टी20 प्रारूप में अपनी लगातार 15वीं जीत दर्ज करने का शानदार कीर्तिमान भी स्थापित किया। इस तूफानी नतीजे का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की टीम रैंकिंग पर पड़ा, जहाँ भारत को पछाड़कर इंग्लैंड ने शीर्ष पायदान अपने नाम कर लिया।
पावरप्ले में इंग्लिश बल्लेबाजों का विध्वंसक रुख
लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पहली गेंद से ही आक्रामक तेवर अपनाए। जोस बटलर और हैरी ब्रुक की जोड़ी ने विपक्षी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। दोनों धाकड़ बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों का ऐसा अंबार लगाया कि विरोधी कप्तान असहाय नजर आए। ब्रुक और बटलर ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 39 गेंदों का सामना करते हुए 85 रनों की साझेदारी खड़ी की।
शुरुआती 6 ओवरों के पावरप्ले तक मेजबान टीम 1 विकेट पर 82 रन बना चुकी थी, जिससे मुकाबला पूरी तरह उनके पाले में आ चुका था। आठवें ओवर की समाप्ति होते-होते स्कोरबोर्ड पर 100 से अधिक रन टंग चुके थे। इसके बाद शेष औपचारिकताएं पूरी करने में बिल्कुल वक्त नहीं लगा और मुकाबला 10वें ओवर में ही खत्म हो गया।
कप्तानी पारी और दर्शनीय छक्के से अंत
इंग्लिश कप्तान जोस बटलर ने अपनी पुरानी लय दिखाते हुए सिर्फ 32 गेंदों पर नाबाद 62 रनों की तूफानी पारी खेली। हाल ही में टी20 प्रारूप में अपने 15,000 रन पूरे करने वाले बटलर पूरे नियंत्रण में दिखे। उन्होंने एक हाथ से डीप स्क्वायर लेग बाउंड्री के ऊपर से एक दर्शनीय छक्का जड़कर मुकाबले का अंत किया, जो पूरी श्रृंखला में इंग्लैंड के दबदबे की बानगी पेश कर रहा था।
दूसरी तरफ श्रीलंकाई खेमे के लिए पूरे मैच के दौरान खुशी मनाने के मौके बेहद दुर्लभ रहे। मेहमान टीम को मुकाबले में सिर्फ दो बार राहत मिली, जब थरिंडु रत्नायके की फिरकी पर एन्यूरिन डोनाल्ड स्टंप होकर पवेलियन लौटे और बाद में एक सटीक डायरेक्ट थ्रो के जरिए हैरी ब्रुक को रन आउट किया गया।
महंगे साबित हुए श्रीलंकाई तेज गेंदबाज
गेंदबाजी क्रम में बदलाव करते हुए मेहमान टीम ने दुष्मंथा चमीरा को विश्राम देकर लसिथ मलिंगा की गेंदबाजी शैली से मिलते-जुलते एक्शन वाले नुवान तुषारा को अंतिम एकादश में जगह दी थी। हालांकि इतने कम स्कोर का बचाव करते समय यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। तुषारा ने अपने कोटे के 2 ओवरों में बिना कोई सफलता पाए 29 रन लुटा दिए।
टीम के अन्य तेज गेंदबाजों की दुर्गति भी कम नहीं रही। ईशान मलिंगा ने अपने फेंके 1.4 ओवरों में 34 रन खर्च किए, जबकि दिलशान मदुशंका ने अपने 2 ओवरों के स्पैल में 23 रन दिए। किसी भी गेंदबाज के पास आक्रामक इंग्लिश बल्लेबाजों को रोकने की कोई ठोस रणनीति नहीं थी।
ओल्ड ट्रैफर्ड की सतह पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों का सरेंडर
यह वही ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच है जहाँ पिछले साल मेजबान टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए 304 रनों का विशालकाय पहाड़ खड़ा कर दिया था। लेकिन इसी पिच पर मेहमान बल्लेबाज टिकने का कोई जज्बा नहीं दिखा सके। 124 रनों पर ढेर होना इस मैदान पर 2018 के बाद से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पहली पारी का सबसे न्यूनतम स्कोर बन गया।
निसांका और मेंडिस का एकाकी प्रयास
पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम के लिए केवल पथुम निसांका और कामिंदु मेंडिस ही कुछ हद तक इंग्लिश गेंदबाजों का सामना कर सके। शीर्ष क्रम में निसांका ने शुरुआत में ही आक्रमक रुख अपनाया और 24 गेंदों में 36 रन बनाए। वहीं दूसरे छोर से लगातार गिरते विकेटों के बीच कामिंदु मेंडिस ने 28 गेंदों में 35 रनों की जुझारू पारी खेली।
इन दो बल्लेबाजों के अलावा टीम का कोई भी सदस्य क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक पाया और एक के बाद एक पवेलियन लौटने का सिलसिला चलता रहा। मेजबान टीम के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से रन गति पर अंकुश लगाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट झटकते रहे।
अनुकूल हवा के बावजूद बाउंड्री लगाने की नाकामी
मुकाबले के दौरान मैदान पर तेज गति से हवाएं बह रही थीं, जिससे एक तरफ की बाउंड्री पर बड़े प्रहार करने का सुनहरा मौका उपलब्ध था। मेहमान बल्लेबाजों ने इस भौगोलिक परिस्थिति का लाभ उठाने का प्रयास तो किया, लेकिन वे इसमें निरंतरता नहीं रख सके।
पूरी श्रीलंकाई पारी के दौरान सात छक्के तो लगे, लेकिन बल्लेबाज उस गति को बनाए रखने में नाकाम रहे। सात में से केवल एक ही ओवर ऐसा बीता जिसमें छक्के के अतिरिक्त कोई अन्य बाउंड्री भी आई हो। वहीं दो अलग-अलग अवसरों पर तो बल्लेबाजों ने छक्का जड़ने की अगली ही गेंद पर अपना विकेट गंवा दिया। इसके अतिरिक्त जिन सात ओवरों में छक्के आए, उनमें से केवल तीन ओवरों में ही टीम दहाई के आंकड़े तक पहुंच सकी।
शुरुआती तेजी के बाद थमी रनों की रफ्तार
निसांका के शुरुआती तेज तर्रार शॉट्स के बावजूद श्रीलंकाई पारी कभी भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई। पारी का सबसे बड़ा ओवर दूसरा ओवर रहा, जिसमें बल्लेबाजों ने 15 रन बटोरे थे। इसके बाद पूरी 20 ओवरों की पारी के दौरान टीम कभी भी इस आंकड़े के करीब तक नहीं पहुंच पाई और रन गति लगातार नीचे गिरती चली गई।
इंग्लिश गेंदबाजों का संगठित प्रदर्शन
गेंदबाजी में मेजबान टीम ने पूरी तरह से सामूहिक अनुशासन का परिचय दिया। जॉनी बेकर, जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा लियम डॉसन और जेमी ओवरटन को 1-1 सफलता प्राप्त हुई। मुख्य स्पिनर आदिल राशिद अकेले ऐसे गेंदबाज रहे जिन्हें कोई सफलता नहीं मिली और उन्होंने अपने 2 ओवरों के स्पैल में 21 रन दिए।















