भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने आगामी वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपनी प्रतिबद्धता खुलकर जाहिर की है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में मैदान पर उतरने वाले कोहली ने एक खास इंटरव्यू में साफ किया है कि वह इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उनके संन्यास की अटकलें बेमानी हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करना है और इसके लिए वह हर संभव प्रयास करने से पीछे नहीं हटेंगे।
खुद से किया गया वादा और खेल में आया बदलाव
अपने खेल में आए हालिया बदलावों के बारे में बात करते हुए विराट कोहली ने बताया कि टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से दूरी बनाने के बाद उन्होंने अपने दृष्टिकोण में एक अहम बदलाव किया है। उन्होंने खुद से एक कसम खाई है कि अब वह मैदान पर और अधिक खुलकर और स्वतंत्र रूप से खेलेंगे। लोगों की उनसे क्या अपेक्षाएं हैं, अब वह इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं करते हैं। लंबे समय तक उनकी भूमिका पारी को संभालने और स्थिरता देने की रही है। वह अपनी काबिलियत और शॉट्स लगाने की क्षमता से अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन कई बार कठिन पिचों पर परिस्थितियां अनुकूल न होने की वजह से खिलाड़ी ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां उन्हें व्यक्तिगत आक्रामकता के बजाय टीम की विशेष जरूरत के मुताबिक खेलना पड़ता है।
शुभमन गिल की कप्तानी पर रखी अपनी राय
टीम इंडिया के मौजूदा वनडे कप्तान शुभमन गिल की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए विराट कोहली ने कहा कि युवा कप्तान अभी सीखने के दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि इस जिम्मेदारी में वह भले ही नए हैं, लेकिन उनके पास भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए सही सोच और मजबूत इच्छाशक्ति दोनों मौजूद हैं। मैदान पर रणनीतिक फैसलों के मामले में गिल का नजरिया बेहद स्पष्ट रहता है। अनुभव बढ़ने और परिस्थितियों की बेहतर समझ विकसित होने के साथ उनके प्रदर्शन में और निखार आएगा, जैसा कि हर उभरते कप्तान के साथ होता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उनमें भारतीय टीम को सही दिशा में ले जाने का पक्का इरादा है, जो किसी भी कप्तान के लिए सबसे अहम खूबी होती है। इसी वजह से कोहली का मानना है कि गिल लंबी अवधि तक इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे।



















