भारतीय घरेलू क्रिकेट में भारी भरकम रन बनाना हमेशा से राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने का सबसे असरदार तरीका रहा है। 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में 950 रन ठोककर टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज बने रविचंद्रन स्मरण भी इसी रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले 23 वर्षीय बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के लिए पिछला सीजन बेहद शानदार रहा था। अब स्मरण इस महीने के अंत में बीसीसीआई सीओई में खेले जाने वाले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के जरिए नए घरेलू सीजन की शुरुआत करने जा रहे हैं, जहां वह दक्षिण क्षेत्र की ओर से मैदान पर उतरेंगे।
उम्मीदों के दबाव से दूर, नए सीजन की मजबूत तैयारी
एक सीजन में 950 रन बनाने के बाद अक्सर खिलाड़ियों पर अगले सीजन में वैसा ही प्रदर्शन दोहराने का भारी दबाव बन जाता है। हालांकि, रविचंद्रन स्मरण इस तरह की बाहरी उम्मीदों को अपने खेल पर हावी नहीं होने देना चाहते। उनका मानना है कि मैदान पर उतरकर सिर्फ रन बनाने और अपनी तैयारियों को सही दिशा देने पर ही ध्यान केंद्रित रहना चाहिए। नए सीजन से पहले सही मानसिकता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखना उनके लिए सबसे प्राथमिकता का विषय है।
दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलते हुए दलीप ट्रॉफी में मैदान पर उतरना स्मरण के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। उनका कहना है, "मेरे लिए यह एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है, क्योंकि यहां बनाए गए रन बहुत मायने रखते हैं।" अगर वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बड़ी पारियां खेलने में सफल रहते हैं, तो इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि पूरे आगामी सीजन के लिए एक सकारात्मक माहौल भी तैयार होगा।
घरेलू मैदानों पर स्पिन गेंदबाजों का सामना करने की रणनीति
भारत में रेड बॉल क्रिकेट खेलते समय विभिन्न राज्यों की अलग-अलग पिचों पर स्तरीय स्पिनरों का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होती है। 23 साल के स्मरण इस बात को बखूबी समझते हैं और इसी वजह से वह स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ तकनीक को और पुख्ता करने में जुटे हैं। घरेलू मैदानों की बदलती परिस्थितियों और अलग-अलग तरह के स्पिन ट्रैक पर पकड़ मजबूत करने के लिए वह नेट अभ्यास के दौरान विशेष ध्यान दे रहे हैं।
स्पिनरों की लय को बिगाड़ने और उन्हें एक ही टप्पे पर गेंदबाजी करने से रोकने के लिए स्मरण स्वीप और रिवर्स स्वीप जैसे आक्रामक शॉट्स पर मेहनत कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक ठोस रक्षात्मक तकनीक के साथ-साथ विविधता वाले शॉट्स होना बेहद जरूरी है, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सके। लाल गेंद से लंबी पारियां खेलने में माहिर स्मरण सफेद गेंद के फॉर्मेट में भी उतने ही सहज नजर आते हैं।
सफेद गेंद क्रिकेट में आक्रामक रुख और IPL का अनुभव
सीमित ओवरों के क्रिकेट में रविचंद्रन स्मरण के आंकड़े उनकी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करते हैं। लिस्ट ए मुकाबलों में 50.33 का बेहतरीन बल्लेबाजी औसत और T20 में 155 का शानदार स्ट्राइक रेट यह दर्शाता है कि वह हर फॉर्मेट की मांग के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं। आगामी सीजन के लिए उन्होंने अपने T20 स्ट्राइक रेट को 155 से बढ़ाकर 170 या 180 तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वह अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाते हुए अधिक आक्रामक बल्लेबाजी शैली अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।
IPL 2026 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की फ्रेंचाइजी द्वारा टीम में बरकरार रखा जाना स्मरण के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित हुआ है। हालांकि, अपने पिछले IPL सीजन में उन्हें 6 मैचों में खेलने का मौका मिला था और वह केवल 19 रन ही बना सके थे, लेकिन उस माहौल में बिताया गया समय उनके लिए बेहद सीख देने वाला रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से उन्हें खेल के मानसिक पहलू, जैसे दबाव के क्षणों को संभालने और मुश्किल परिस्थितियों से निपटने की कला सीखने को मिली।
कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने का संकल्प
व्यक्तिगत लक्ष्यों को हासिल करने के साथ-साथ रविचंद्रन स्मरण का मुख्य उद्देश्य अपनी राज्य टीम कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाना है। पिछले सीजन में फाइनल तक का सफर तय करने के बाद, टीम इस बार एक कदम आगे बढ़कर ट्रॉफी अपने नाम करना चाहती है। नए सीजन की शुरुआत से पहले स्मरण अपनी राज्य की स्थानीय लीग में श्रेयस गोपाल जैसे अनुभवी और वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेल रहे हैं और टीम की रणनीतियों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
कर्नाटक की टीम का प्राथमिक लक्ष्य टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर में जगह बनाना और फिर अंतिम तीन महत्वपूर्ण मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है। पिछले सीजन में टीम खिताबी जीत के बेहद करीब पहुंचकर चूक गई थी, लेकिन इस बार स्मरण और उनके साथी खिलाड़ी उस कमी को पूरा करके एक नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।



















