भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का तीसरा दिन अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के करियर के लिए बेहद खास बन गया। टीम के इस प्रमुख खिलाड़ी ने मुकाबले के तीसरे सत्र के दौरान केशरा नुवानथा को अपना शिकार बनाया और भारतीय टीम को पारी की सातवीं सफलता दिलाई। इस एक विकेट के साथ ही उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए और देश के लिए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जहां तक आज तक कोई अन्य भारतीय गेंदबाज नहीं पहुंच पाया था। केशरा नुवानथा का यह विकेट टेस्ट फॉर्मेट में रवींद्र जडेजा का 350वां शिकार था। इस मुकाबले के शुरू होने से ठीक पहले तक उनके खाते में कुल 348 टेस्ट विकेट दर्ज थे।
बाएं हाथ के स्पिनरों में नंबर वन
यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि रवींद्र जडेजा लाल गेंद के क्रिकेट में 350 विकेट के आंकड़े को छूने वाले देश के पहले बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। इस विशिष्ट सूची में उनसे पहले कोई भी भारतीय बाएं हाथ का स्पिनर इस मील के पत्थर तक नहीं पहुंच सका था। देश के लिए इस शैली की गेंदबाजी में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने के मामले में उनके ठीक पीछे पूर्व भारतीय दिग्गज बिशन सिंह बेदी का नाम आता है, जिन्होंने अपने शानदार करियर का अंत कुल 266 विकेट के साथ किया था।
वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान
यदि पूरी दुनिया के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो रवींद्र जडेजा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 350 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के मात्र तीसरे बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। इस खास मुकाम पर पहुंचकर उन्होंने रंगना हेराथ और डेनियल विटोरी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजों में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड रंगना हेराथ के नाम दर्ज है, जिन्होंने अपने करियर के दौरान टेस्ट मैचों में कुल 433 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। वहीं दूसरी ओर, डेनियल विटोरी ने अपने टेस्ट सफर में कुल 362 विकेट चटकाए थे। अब इस विशिष्ट सूची में रवींद्र जडेजा ने तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस ऑल-टाइम लिस्ट के शीर्ष पांच गेंदबाजों में बाकी बचे दो अन्य नाम डेरेक अंडरवुड और ताइजुल इस्लाम के हैं, जिन्होंने क्रमशः 297 और 271 विकेट अपने नाम किए थे।



















