गेंद जब बाएं हाथ में हो और वो हवा में अलग एंगल से बल्लेबाज की तरफ बढ़े, तो अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते हैं. वनडे क्रिकेट के अब तक के सफर में कुछ बाएं हाथ के गेंदबाजों ने अपनी फिरकी, स्विंग और सटीकता से रिकॉर्ड बुक में अपना नाम इस तरह दर्ज कराया कि दो दशक से ज्यादा गुजरने के बाद भी कोई उनके आसपास नहीं पहुंच पाया. सबसे ज्यादा विकेट के मामले में टॉप पर मौजूद नाम का रिकॉर्ड तो 23 साल से कायम है और फिलहाल दूर-दूर तक कोई उसे चुनौती देता नजर नहीं आता. आइए जानते हैं वनडे इतिहास के पांच सबसे कामयाब बाएं हाथ के गेंदबाजों के बारे में, नंबर पांच से शुरू करते हुए.
पांचवें नंबर पर डेनियल विटोरी, गति में बदलाव से छकाते थे बल्लेबाज
न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी की गिनती फिंगर स्पिन के सबसे समझदार गेंदबाजों में होती है. 1997 से लेकर 2015 तक चले करियर में उन्होंने न्यूजीलैंड के साथ-साथ आईसीसी की वर्ल्ड इलेवन के लिए भी गेंद थामी और कुल 295 मुकाबलों में 305 बल्लेबाजों को आउट किया. विटोरी की गेंद बहुत ज्यादा टर्न नहीं लेती थी, लेकिन वे अपनी गति में लगातार फेरबदल करके और गेंद को हवा में उछालकर बल्लेबाजों को गच्चा दे जाते थे. उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 4.12 का रहा, जो बताता है कि उनके सामने रन बनाना कितना मुश्किल काम था.
चौथे स्थान पर शाकिब अल हसन, बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडर
बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को आधुनिक दौर के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिना जाता है. 2006 से 2023 तक उन्होंने 247 वनडे मैच खेले और 317 विकेट अपने नाम किए. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन देकर 5 विकेट रहा. शाकिब की ताकत उनकी विविधता और समझदारी है, वे कब कौन सी गेंद फेंकनी है इसका सटीक अंदाजा रखते थे, और उनका इकॉनमी रेट 4.46 का रहा. दुनिया भर की अलग-अलग पिचों पर उन्होंने विरोधी बल्लेबाजों को बांधे रखा और बांग्लादेशी क्रिकेट को नई पहचान दिलाई.
तीसरे नंबर पर सनथ जयसूर्या, आक्रामक ओपनर जो गेंद से भी थे घातक
श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या को दुनिया मुख्यतः एक तूफानी सलामी बल्लेबाज के तौर पर याद करती है, लेकिन उनकी बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी भी उतनी ही असरदार थी. उन्होंने 445 मैचों की 368 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 323 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. 29 रन देकर 6 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ स्पेल रहा. मध्य के ओवरों में सटीक लाइन-लेंथ से बड़ी साझेदारियां तोड़ने में जयसूर्या का कोई जवाब नहीं था.
दूसरे पायदान पर चमिंडा वास, इतिहास का सबसे किफायती और घातक स्पेल
श्रीलंका के चमिंडा वास की पहचान रफ्तार से ज्यादा उनकी सटीकता और गेंद को दोनों दिशाओं में मोड़ने की काबिलियत से बनी. 1994 से 2008 तक श्रीलंका और एशिया इलेवन के लिए खेलते हुए उन्होंने 322 मैचों में 400 बल्लेबाजों को आउट किया. उनका इकॉनमी रेट महज 4.18 का रहा. वनडे इतिहास में सबसे कम रन देकर सबसे ज्यादा विकेट लेने का कीर्तिमान भी वास के नाम है, उन्होंने सिर्फ 19 रन देकर 8 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था, यह आंकड़ा आज तक कोई नहीं तोड़ पाया.
पहले नंबर पर वसीम अकरम, 500 विकेट की दीवार तोड़ने वाले पहले गेंदबाज
पाकिस्तान के वसीम अकरम को क्रिकेट जगत ‘सुल्तान ऑफ स्विंग’ के नाम से पुकारता है. 1984 से 2003 तक फैले करियर में उन्होंने 356 मैचों की 351 पारियों में गेंद डाली और 18,000 से ज्यादा गेंदें फेंकीं. 23.52 की औसत से उन्होंने 502 बल्लेबाजों को आउट किया और वनडे इतिहास में 500 विकेट की दीवार पार करने वाले पहले गेंदबाज बने. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 15 रन देकर 5 विकेट रहा. पुरानी गेंद से मिलने वाली रिवर्स स्विंग और अचानक आ धमकने वाली यॉर्कर, इन्हीं दो हथियारों के दम पर अकरम ने बड़े से बड़े बल्लेबाज को भी बैकफुट पर धकेल दिया. उनका यह रिकॉर्ड आज, यानी 23 साल बाद भी बरकरार है और फिलहाल कोई बाएं हाथ का गेंदबाज इसके आसपास भी नजर नहीं आता.
इन पांचों गेंदबाजों ने अलग-अलग दौर में अलग-अलग अंदाज से बल्लेबाजों को परेशान किया, लेकिन विकेटों की गिनती में वसीम अकरम आज भी सबसे ऊपर टिके हुए हैं और उनका यह रिकॉर्ड जल्द टूटता नजर नहीं आता.



















