भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के सामने अंतिम एकादश के चयन को लेकर एक बड़ी पहेली खड़ी हो गई है। मध्यक्रम में जगह बनाने के लिए युवा बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस अहम मुकाबले में पूर्व भारतीय बल्लेबाज वूरकेरी वेंकट रमन ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच में ध्रुव जुरेल की तुलना में सरफराज खान को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना भारतीय टीम के लिए अधिक फायदेमंद साबित होगा। श्रीलंकाई परिस्थितियों को देखते हुए मध्यक्रम में एक ऐसा बल्लेबाज चाहिए जो विरोधी टीम के फिरकी गेंदबाजों पर दबाव बना सके।
स्पेशलिस्ट बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाजी पर आक्रमण की क्षमता
वेंकट रमन का मानना है कि लाल गेंद के क्रिकेट में विशेषज्ञ खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ध्रुव जुरेल ने भारतीय टीम के लिए बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज बेहद प्रभावित किया है और निचले मध्यक्रम में उपयोगी रन भी जोड़े हैं। इसके बावजूद सरफराज खान को एक शुद्ध बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका की घरेलू पिचों पर स्पिन गेंदबाजों का दबदबा रहता है और ऐसी स्थिति में सरफराज खान का आक्रामक रुख टीम के काफी काम आ सकता है। वह फिरकी गेंदों को खेलने में बेहद सहज हैं और स्ट्राइक रोटेट करने के साथ-साथ बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं।
पास से कैच पकड़ने की कला भी सरफराज के पक्ष में
बल्लेबाजी कौशल के अलावा सरफराज खान एक और महत्वपूर्ण खूबी टीम में लेकर आते हैं, वह है उनकी नजदीकी फील्डिंग। स्पिन फ्रेंडली पिचों पर जब गेंद टर्न और बाउंस लेती है, तब सिली प्वाइंट और शॉर्ट लेग जैसे स्थानों पर बेहतरीन कैचर का होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। सरफराज क्लोज-इन कैचिंग में माहिर हैं और श्रीलंका के स्पिन ट्रैक पर यह क्षमता मैच का पासा पलट सकती है। जुरेल और सरफराज दोनों ने ही फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट मैच में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इसके बाद से जुरेल नियमित रूप से ऋषभ पंत के बैकअप विकेटकीपर और कभी-कभी विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम के साथ जुड़े रहे हैं। दूसरी तरफ चोटिल साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद पूरी तरह फिट हो चुके सरफराज खान की टेस्ट टीम में दोबारा वापसी हुई है।
नंबर तीन पर देवदत्त पडिक्कल का दावा सबसे मजबूत
साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में नंबर तीन के महत्वपूर्ण बल्लेबाजी क्रम पर देवदत्त पडिक्कल का खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वूरकेरी वेंकट रमन ने पडिक्कल की जमकर तारीफ की है और उन्हें इस स्थान का स्वाभाविक दावेदार बताया है। पडिक्कल ने कोलंबो के एनसीसी ग्राउंड पर श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के विरुद्ध आयोजित तीन दिवसीय अभ्यास मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 142 रनों की शानदार पारी खेली थी। पडिक्कल को लाल गेंद के प्रारूप का एक परिपक्व खिलाड़ी माना जाता है और टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ का बल्लेबाज होना टीम संयोजन के नजरिए से बेहद फायदेमंद साबित होता है। पडिक्कल ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार रन बनाए हैं, जिससे उन्होंने प्लेइंग इलेवन में अपना दावा पूरी तरह से पक्का कर लिया है।
WTC फाइनल की दौड़ में गलती की कोई गुंजाइश नहीं
श्रीलंका के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम फिलहाल WTC पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर खिसक चुकी है। पूर्व क्रिकेटर ने चेतावनी दी है कि अब टीम के पास ढिलाई बरतने की कोई जगह नहीं बची है। भारत के पास WTC चक्र में लगभग सात टेस्ट मैच शेष बचे हैं और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए टीम को इनमें से कम से कम पांच या छह मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। आने वाले तीन से चार महीनों में होने वाले सभी टेस्ट मुकाबलों में भारत को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाना होगा, इसलिए प्लेइंग इलेवन का सटीक चयन बेहद निर्णायक होगा।



















