अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर कप्तानी संभालते ही सिक्के के भाग्य को अपने पक्ष में मोड़ने का एक अनोखा कारनामा देखने को मिला है. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले की शुरुआत पर जब सिक्का उछाला गया, तब भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के पक्ष में फैसला आया. इस जीत के साथ ही अय्यर ने कप्तानी के सफर में एक ऐसा अभूतपूर्व मुकाम छू लिया है, जहां तक खेल के इतिहास में अब तक कोई अन्य कप्तान नहीं पहुंच पाया था. वह अपने कप्तानी करियर के पहले 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 11 बार टॉस जीतने वाले विश्व के इकलौते कप्तान बन गए हैं.
शुरुआती 12 मैचों में 11 बार जीता टॉस
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में मैदान पर उतरने से पहले टॉस का फैसला भारतीय कप्तान के पक्ष में रहा. यह बतौर कप्तान अय्यर का 12वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच था, जिसमें उन्होंने 11वीं बार टॉस जीतने की असाधारण सफलता दर्ज की. इस नए मुकाम के साथ उन्होंने वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा टॉस जीतने के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड कतर के मिर्जा बेग और फिलीपींस के हेनरी टायलर के नाम दर्ज था. इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने कप्तानी करियर के शुरुआती 12 मुकाबलों में 10-10 बार टॉस जीतने का कमाल किया था. अब श्रेयस अय्यर 11 टॉस जीतकर इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं.
फुल मेंबर देशों के दिग्गज कप्तानों को भी पछाड़ा
श्रेयस अय्यर का यह रिकॉर्ड केवल एसोसिएट देशों के कप्तानों की तुलना में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के पूर्ण सदस्य राष्ट्रों के रिकॉर्ड के लिहाज से भी अद्वितीय है. फुल मेंबर टीमों के कप्तानों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन और बांग्लादेश के महमुदुल्लाह रियाद शामिल हैं. इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने शुरुआती 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 9-9 मौकों पर टॉस जीता था. अय्यर ने इन दोनों दिग्गजों को काफी पीछे छोड़ दिया है. अपने अब तक के 12 मैचों के सफर में अय्यर ने केवल एक बार टॉस गंवाया है, जो जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई श्रृंखला के दूसरे मैच के दौरान हुआ था.
कप्तानी के शुरुआती झटकों के बाद शानदार वापसी
भारतीय क्रिकेट टीम की कमान श्रेयस अय्यर को उस समय सौंपी गई, जब 2026 टी20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम से बाहर हो गए थे. हालांकि, नेतृत्व संभालने का शुरुआती दौर अय्यर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ था. उनकी कप्तानी के आरंभिक चरण में भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर कड़ी असफलताओं का सामना करना पड़ा था. इन दोनों देशों के खिलाफ खेले गए सात मैचों में से भारत ने छह मुकाबले गंवा दिए थे. इसके बावजूद टीम ने जोरदार वापसी की पटकथा लिखी. जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया. मौजूदा समय में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला में भी भारतीय टीम 1-0 से बढ़त बनाए हुए है.















