अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, और ऐसा ही एक नजारा हाल ही में नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर देखने को मिला। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में साउथ अफ्रीकी टीम ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 43 रन के अंतर से शिकस्त दी। इस त्रिकोणीय श्रृंखला में साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की टीमें आपस में भिड़ रही हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में मेजबान नामीबिया ने साउथ अफ्रीका को हराकर चौंका दिया था, लेकिन इसके बाद से साउथ अफ्रीकी टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
प्वाइंट्स टेबल की स्थिति और हालिया मुकाबले
वर्तमान अंक तालिका पर नजर डालें तो साउथ अफ्रीका की टीम तीन मुकाबलों में से दो में जीत दर्ज करके शीर्ष स्थान पर काबिज है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही जीत टीम ने पिछले तीन दिनों के भीतर जिम्बाब्वे के खिलाफ ही हासिल की हैं। टूर्नामेंट की मेजबानी कर रही नामीबियाई टीम दो मैचों में से एक जीत के साथ दूसरे पायदान पर मौजूद है। वहीं, जिम्बाब्वे के लिए यह सीरीज अब तक काफी निराशाजनक रही है, क्योंकि टीम ने अपने खेले गए तीन में से दो मैचों में हार का सामना किया है और वह अंक तालिका में तीसरे तथा अंतिम स्थान पर फिसल गई है।
साउथ अफ्रीकी पारी और प्रेटोरियस का तूफान
इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरा साउथ अफ्रीका शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आया। निर्धारित 20 ओवरों के खेल में टीम ने अपने 7 विकेट गंवाकर कुल 185 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बोर्ड पर लगाया। पारी की शुरुआत करने उतरे शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने टीम के लिए मजबूत नींव रखी, हालांकि केवल शुरुआती तीन बल्लेबाज ही दहाई के आंकड़े को छूने में सफल रहे। युवा सलामी बल्लेबाज लुहान-ड्रे प्रेटोरियस ने जॉर्डन हरमन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 46 गेंदों में 68 रन की उपयोगी साझेदारी की। जॉर्डन हरमन ने 25 गेंदों का सामना करते हुए 2 छक्कों और 1 चौके की मदद से 28 रन बनाए।
जॉर्डन के आउट होने के बाद लुहान-ड्रे प्रेटोरियस ने मोर्चा संभाला और देवाल्ड ब्रेविस के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए मैदान पर रनों की बारिश कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने महज 46 गेंदों में 86 रन जोड़कर टीम को 154 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। देवाल्ड ब्रेविस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 27 गेंदों में 3 छक्कों और 2 चौकों की सहायता से 41 रन की शानदार पारी खेली। उनके आउट होने के बाद साउथ अफ्रीकी खेमे में विकेटों का पतन शुरू हो गया और निचले क्रम का कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। दूसरी ओर, महज 20 साल के लुहान-ड्रे प्रेटोरियस अपने शतक से महज 6 रन से चूक गए। उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 3 छक्कों और 12 चौकों की मदद से 94 रनों की आतिशी पारी खेली।
जिम्बाब्वे की गेंदबाजी और शुरुआती झटके
साउथ अफ्रीका के विशाल स्कोर को रोकने के लिए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की। विपक्षी खेमे से गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए वेस्ली मधावेरे ने बेहद किफायती और घातक गेंदबाजी का मुजायरा पेश किया। उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में मात्र 20 रन खर्च करते हुए साउथ अफ्रीका के 3 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इसके अलावा, ब्रैड इवांस ने भी सधी हुई गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। न्यूमैन न्यामहूरी को भी गेंदबाजी के दौरान 1 सफलता हाथ लगी, जिससे एक समय साउथ अफ्रीका के रन गति पर लगाम कसने की उम्मीद जगी थी, लेकिन तब तक स्कोर काफी आगे पहुंच चुका था।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा
जीत के लिए 186 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम दबाव में बिखर गई और निर्धारित ओवरों से पहले ही सिमट गई। जिम्बाब्वे की पारी 17.4 ओवरों में मात्र 142 रन पर ही ढेर हो गई। पारी की शुरुआत बेन करन और ब्रायन बेनेट ने की, जिन्होंने पहले विकेट के लिए 20 रन जोड़े। ब्रायन बेनेट 13 रन बनाकर आउट हुए, जबकि बेन करन मात्र 4 रन का योगदान दे सके। इसके बाद अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों का टिकना मुश्किल हो गया और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते चले गए। स्थिति यह हो गई कि महज़ 66 रन के कुल स्कोर पर ही जिम्बाब्वे के 8 प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और टीम की हार तय लग रही थी।
निचले क्रम का संघर्ष और मैच का अंत
कम स्कोर पर पारी सिमटने की कगार पर पहुँच चुकी जिम्बाब्वे को कप्तान सिकंदर रजा ने संकट से बाहर निकालने की कोशिश की। कप्तान सिकंदर रजा ने न्यूमैन न्यामहूरी के साथ मिलकर 9वें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। दोनों ने 22 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम के स्कोर को किसी तरह सौ के पार पहुंचाया। सिकंदर रजा ने संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 33 गेंदों में 2 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 45 रन बनाए और आउट होकर पवेलियन लौटे। इसके बाद न्यूमैन न्यामहूरी ने कुंडई माटिगिमु के साथ मिलकर अंतिम विकेट के लिए संघर्ष जारी रखा।
दोनों ने आखिरी जोड़ी के रूप में क्रीज पर टिककर 30 गेंदों में 42 रन जुटाए और हार के अंतर को कुछ कम किया। हालांकि, यह प्रयास जिम्बाब्वे को जीत दिलाने के लिए नाकाफी साबित हुआ। साउथ अफ्रीका की तरफ से कप्तान ब्योर्न फोर्टुइन ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए मात्र 24 रन देकर जिम्बाब्वे के 4 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। उनका साथ देते हुए डुआन जानसेन ने भी 3 अहम विकेट चटकाए। इसके अलावा प्रेनेलन सुब्रायेन और नकाबायोमजी पीटर को भी 1-1 सफलता मिली, जिससे साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया।



















