टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई ऐसी पारियां खेली गई हैं जिन्हें खेल प्रेमियों द्वारा हमेशा याद रखा जाता है। हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम को एक मुकाबले में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा जहां श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच का पासा पलट दिया। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में जब भी फॉलोऑन खेलते हुए किसी खिलाड़ी के सबसे बड़े प्रदर्शन की बात आती है, तो पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज हनीफ मोहम्मद का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनका यह कारनामा आज भी क्रिकेट जगत में एक अद्भुत मिसाल बना हुआ है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में रचा गया था इतिहास
यह अविश्वसनीय घटना आज से 68 साल पहले 1958 में वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच खेले गए एक मुकाबले के दौरान सामने आई थी। ब्रिजटाउन के मैदान पर खेले गए इस टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजायरा पेश किया। टीम की तरफ से एवर्टन वीक्स ने 197 रन और कॉनराड हंट ने 142 रनों की शानदार शतकीय पारियां खेलीं। इन पारियों के दम पर वेस्टइंडीज ने 9 विकेट के नुकसान पर 579 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी थी। इसके जवाब में पाकिस्तानी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पहली पारी में महज 106 रन पर सिमट गई।
पहली पारी की भारी बढ़त के बाद संकट में थी टीम
वेस्टइंडीज को पहली पारी के आधार पर 473 रनों की एक विशाल और मजबूत बढ़त हासिल हो चुकी थी। इस भारी भरकम अंतर को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान की हार अब केवल औपचारिकता मात्र रह गई है। वेस्टइंडीज ने अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान की टीम को दोबारा बल्लेबाजी करने यानी फॉलोऑन के लिए आमंत्रित किया। पहली पारी में पाकिस्तान के बल्लेबाज हनीफ मोहम्मद केवल 17 रन बनाकर आउट हो गए थे, जिससे टीम की स्थिति बेहद दयनीय हो गई थी।
क्रीज पर चट्टान की तरह डटे रहे हनीफ मोहम्मद
फॉलोऑन मिलने के बाद हनीफ मोहम्मद ने मैदान पर जो संघर्ष दिखाया, उसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। उन्होंने क्रीज पर अपने पैर इस तरह जमा लिए मानो कोई मजबूत दीवार खड़ी हो गई हो। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने उन्हें आउट करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन वे असफल रहे। हनीफ ने क्रीज पर कुल 970 मिनट बिताए और अपनी मैराथन पारी के दौरान 337 रन बनाए। इस ऐतिहासिक और लंबी पारी में उन्हें इम्तियाज अहमद का भी पूरा साथ मिला जिन्होंने 91 रन बनाए, तथा सईद अहमद ने भी 65 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
रिकॉर्ड स्कोर के साथ मुकाबला हुआ ड्रॉ
अपनी दूसरी पारी में जबरदस्त वापसी करते हुए पाकिस्तान ने 654 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और पारी घोषित कर दी। इस भारी स्कोर की बदौलत पाकिस्तान ने न केवल वेस्टइंडीज की 473 रनों की बढ़त को पूरी तरह पाटा, बल्कि सामने वाली टीम के सामने 185 रनों का लक्ष्य रख दिया। मैच के अंतिम दिन आखिरी सत्र में केवल 11 ओवर का खेल संभव हो सका, जिसमें कैरेबियाई टीम ने 28 रन बनाए और अंपायरों ने मुकाबले को ड्रॉ घोषित कर दिया। हनीफ मोहम्मद की इस रिकॉर्ड पारी ने पाकिस्तान की टीम को एक निश्चित हार के मुंह से बाहर निकाल लिया।



















