ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम ने दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन को शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटा लिया है। बेंगलुरु के मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने टीम की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई। मैच की पहली पारी में उन्होंने केवल 81 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 92 रन बनाए, जिसमें 7 शानदार चौके और इतने ही गगनचुंबी छक्के शामिल थे। इसके बाद मैच की दूसरी पारी में जब टीम के सामने 159 रन का लक्ष्य था, तब भी वैभव ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर 40 रन की उपयोगी पारी खेली। इस तरह इस पूरे मुकाबले में उनके बल्ले से कुल 132 रन निकले, जिससे टीम को तेज शुरुआत मिली और लक्ष्य तक पहुंचना आसान हो गया। हालांकि, जब मैन ऑफ द मैच चुनने की बारी आई, तो यह अवॉर्ड वैभव से 17 साल बड़े खिलाड़ी तेज गेंदबाज मुकेश कुमार के खाते में गया।
मुकेश कुमार का शानदार प्रदर्शन
शुरुआत में खेल प्रेमियों को यह लग सकता है कि वैभव सूर्यवंशी के साथ कोई नाइंसाफी हुई है, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल विपरीत है। मुकेश कुमार ने मैच की दूसरी पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए सेंट्रल जोन के शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया और उन्हें एक बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया, जिसके चलते ईस्ट जोन को केवल 159 रन का आसान लक्ष्य मिला। इस अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज ने दूसरी पारी में विरोधी टीम के चार बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। केवल दूसरी पारी ही नहीं, बल्कि 32 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने पहली पारी में भी शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए थे। इस तरह पूरे मैच में कुल 7 विकेट झटकने और दूसरी पारी में अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करने के कारण मुकेश को इस पुरस्कार का सबसे उपयुक्त हकदार माना गया।
बड़े मुकाबलों के माहिर खिलाड़ी
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खूबी केवल तेजी से रन बनाना ही नहीं, बल्कि बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में अपनी टीम के लिए कमाल का प्रदर्शन करना है। दलीप ट्रॉफी के इस सेमीफाइनल से पहले भी उन्होंने कई अहम नॉकआउट मैचों में अपनी बल्लेबाजी की गहरी छाप छोड़ी है। उनके करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने 2024 अंडर-19 एशिया कप सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 67 रन बनाए, 2025 एसीसी राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ 38 रन की पारी खेली, 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन जोड़े और इसी टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इसके अलावा, आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन और क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन बनाए। ताजा दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में भी सेंट्रल जोन के खिलाफ 92 और 40 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह बड़े मैचों के पक्के खिलाड़ी हैं। अपने खेले गए कुल 10 नॉकआउट मैचों में वह 65 से ज्यादा की औसत से 717 रन बना चुके हैं, और अब उनकी नजरें दलीप ट्रॉफी के फाइनल में एक और बड़ी पारी खेलकर ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने पर टिकी हैं।
सेमीफाइनल मैच का पूरा रोमांच
इस रोमांचक मुकाबले की बात करें तो सेंट्रल जोन ने अपनी पहली पारी में 266 रन का स्कोर बनाया था, जिसमें मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह ने 60 रन की अहम पारी खेली थी। इसके जवाब में ईस्ट जोन ने भी अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए, जहां वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से निकले 92 रन सबसे बड़ा आकर्षण रहे। मुकाबले की दूसरी पारी में सेंट्रल जोन की पूरी टीम महज 158 रन पर ही ढेर हो गई, जिसमें मुकेश कुमार ने चार और मोहम्मद शमी ने तीन विकेट चटकाए। इसके बाद ईस्ट जोन के सामने जीत के लिए 159 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने 39.3 ओवर में 6 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। कप्तान ईशान किशन 39 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। अपनी 92 रन की विस्फोटक पारी के दौरान वैभव ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया और वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं।



















