भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका की धरती पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज की जोरदार तैयारियों में जुटी हुई है। इसी बीच युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर अभ्यास सत्र के दौरान शानदार कैच लपकते हुए कुछ तस्वीरें साझा की हैं। हालांकि, प्रशंसकों का ध्यान तस्वीरों से ज्यादा उस दिलचस्प कैप्शन ने खींचा, जिसमें जायसवाल ने पूर्व टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा के एक प्रसिद्ध संवाद का जिक्र किया है। गॉल में अभ्यास के दौरान जायसवाल ने रोहित शर्मा की पुरानी डांट को अपने लिए प्रेरणा बनाते हुए क्रिकेट फैंस को ऑस्ट्रेलिया दौरे की मीठी यादें ताजा करा दी हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर स्टंप माइक में कैद हुई थी रोहित की क्लास
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मैदान पर एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला था। उस मैच में युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल फॉरवर्ड शॉर्ट लेग जैसी कठिन और जोखिम भरी जगह पर फील्डिंग कर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ जब शॉट खेल रहे थे, तब उनके शॉट को पूरा अंजाम देने से पहले ही जायसवाल अपनी जगह से थोड़ा ऊपर उठ गए।
स्लिप पोजीशन में कप्तानी कर रहे रोहित शर्मा ने युवा फील्डर की इस भूल को तुरंत पकड़ लिया और अपने अनोखे अंदाज में उन्हें हिदायत दी। रोहित ने स्टंप माइक के बिल्कुल करीब से आवाज लगाते हुए कहा था,
"अबे जस्सू, गली क्रिकेट खेल रहा है क्या? नीचे बैठ के रह… जब तक खेलेगा नहीं, तब तक उठने का नहीं।"रोहित शर्मा का यह संवाद तुरंत ही स्टंप माइक में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो गया और इसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया। प्रशंसकों ने कप्तान के इस बेबाक और मनोरंजक अंदाज को बेहद पसंद किया था।
इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए यशस्वी ने लीजेंड को किया याद
श्रीलंका में अभ्यास के दौरान कैच पकड़ने का अभ्यास करते हुए यशस्वी जायसवाल ने उसी क्षण को याद किया। उन्होंने अपनी नई तस्वीरों के साथ लिखा कि एक लीजेंड ने कहा था, जब तक खेलेगा नहीं, तब तक उठने का नहीं। साथ ही उन्होंने हंसने वाली इमोजी भी जोड़ी, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि रोहित शर्मा की वह हल्की-फुल्की डांट युवा खिलाड़ियों के लिए आज भी मार्गदर्शन का काम कर रही है। रोहित भले ही टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप से संन्यास ले चुके हों, लेकिन ड्रेसिंग रूम और मैदान पर उनकी छोड़ी हुई छाप आज भी टीम के युवा सदस्यों का मनोबल बढ़ा रही है।
श्रीलंका के खिलाफ 2-0 की जीत और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित
भारतीय टीम 15 अगस्त से गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय टीम के लिए यह दौरा केवल एक द्विपक्षीय सीरीज नहीं है, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी अत्यंत निर्णायक माना जा रहा है। फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए भारत को श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज 2-0 के अंतर से जीतना बेहद जरूरी है।
टॉप ऑर्डर में जायसवाल की भूमिका और फॉर्म में वापसी का मौका
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के समीकरणों को देखते हुए भारतीय टीम के ऊपरी क्रम में यशस्वी जायसवाल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है। हालांकि, हाल के पिछले कुछ मुकाबलों में जायसवाल का प्रदर्शन उनकी क्षमता और उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। ऐसे में श्रीलंका का यह दौरा उनके लिए अपनी पुरानी लय और लयबद्ध बल्लेबाजी हासिल करने का सबसे बेहतरीन मंच साबित हो सकता है। अगर भारत को गॉल के मैदान पर जीत दर्ज करनी है, तो सलामी बल्लेबाज के रूप में जायसवाल को क्रीज पर डटकर एक बार फिर बड़ी पारियां खेलनी होंगी।



















