मिठाइयों की बाजार में विविधता की कोई कमी नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने वाले उपभोक्ता हमेशा शुद्ध और पौष्टिक विकल्पों की तलाश में रहते हैं। इसी बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से बहराइच के कृषि भवन परिसर में संचालित मिलेट्स गैलरी में पारंपरिक और सेहतमंद लड्डू बनाए जा रहे हैं। इन लड्डुओं की खासियत यह है कि इनमें रिफाइंड शुगर या शक्कर का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया जाता है, बल्कि इन्हें पूरी तरह से शुद्ध देसी घी और गुड़ के साथ तैयार किया जाता है। अपने बेहतरीन स्वाद और उच्च पोषक तत्वों के कारण ये लड्डू स्थानीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
विभिन्न मोटे अनाजों और मेवों का उपयोग
मिलेट्स गैलरी के संचालक शिवांग जायसवाल के अनुसार, इन खास लड्डुओं के निर्माण में कई प्रकार के पोषक मोटे अनाजों और प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स का मिश्रण इस्तेमाल किया जाता है। इस रेसिपी में ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चीना और कुट्टू जैसे अनाज मुख्य रूप से शामिल होते हैं। निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत में इन सभी मोटे अनाजों के आटे और मेवे को शुद्ध देसी घी में धीमी आंच पर अच्छी तरह भूना जाता है, जिससे उनकी पौष्टिकता और सौंधी खुशबू बरकरार रहे।
पारंपरिक और धीमी पकाने की प्रक्रिया
अनाजों और मेवों के भून जाने के बाद इस मिश्रण में पिघला हुआ गुड़ मिलाया जाता है और इसे लगभग 1 से 1.5 घंटे तक धीमी आंच पर लगातार पकाया जाता है। पूरी तरह से मिश्रण तैयार हो जाने के बाद इसे आंच से नीचे उतारा जाता है और हल्का ठंडा होने पर हाथों से पारंपरिक आकार दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में साफ-सफाई और पारंपरिक तरीकों का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि स्वाद और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
कीमत और दूर-दूर तक फैली लोकप्रियता
इन विशेष मिलेट्स लड्डुओं का मूल्य 600 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। संचालक के मुताबिक, इनकी प्रसिद्धि केवल बहराइच तक सीमित नहीं है, बल्कि लखनऊ और बाराबंकी जैसे प्रमुख जिलों से भी इनकी भारी मांग आ रही है। दूर-दराज के इलाकों से ग्राहक चलकर मिलेट्स गैलरी तक पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी जैसे जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी विशेष रुचि लेकर इन लड्डुओं को मंगवाते हैं।
ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
खरीदारी करने के लिए मिलेट्स गैलरी पहुंचे एक स्थानीय ग्राहक अरविंद कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ये मिलेट्स लड्डू बाजार में मिलने वाली पारंपरिक मिठाइयों का एक बेहद स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हैं। उनके अनुसार, इनमें बाजरा और रागी जैसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी अनाजों का उपयोग किया जाता है और इसके लिए कच्चा माल सीधे किसानों से लिया जाता है। उन्होंने इन उत्पादों को पूरी तरह से रसायन और कीटनाशक मुक्त बताया है। हालांकि किसी भी खाद्य उत्पाद की शुद्धता और सुरक्षा पूरी तरह से उसकी सामग्री और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करती है। यदि आप भी मोटे अनाज, सूखे मेवे, शुद्ध देसी घी और गुड़ के मेल से बने इन पौष्टिक लड्डुओं का स्वाद लेना चाहते हैं, तो आप कृषि भवन स्थित मिलेट्स गैलरी से इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।

















