पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने त्रिकोणीय सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को 87 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी है। इस धमाकेदार जीत के सबसे बड़े नायक ऑलराउंडर अराफात मिन्हास रहे, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से बेहतरीन खेल दिखाया। अराफात के इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने मैच में दबदबा बनाया और मिन्हास ने वनडे क्रिकेट में 13 साल बाद एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के एलीट क्लब में प्रवेश कर लिया है।
मुल्तान के रहने वाले हैं 21 साल के अराफात मिन्हास
महज 21 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने वाले अराफात मिन्हास पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित मुल्तान शहर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने इसी साल मई के महीने में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने अपनी घूमती गेंदों से कहर बरपाते हुए 10 ओवर के कोटे में मात्र 32 रन खर्च करके 5 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए थे। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ वह अपने वनडे डेब्यू मैच में 5 विकेट लेने वाले पाकिस्तान के पहले गेंदबाज बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं। बाएं हाथ के यह स्पिनर अपनी किफायती गेंदबाजी के साथ-साथ उपयोगी बल्लेबाजी से भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाते हैं।
शाहिद अफरीदी के खास क्लब में हुई एंट्री
इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में अराफात मिन्हास ने अपने दमदार प्रदर्शन के दम पर पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी के खास क्लब में अपनी जगह बनाई है। अराफात ने एक ही वनडे मैच में शानदार अर्धशतक जड़ने के साथ-साथ गेंदबाजी में 5 या उससे अधिक विकेट चटकाने का दुर्लभ कारनामा किया है। पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी खिलाड़ी ने यह करिश्मा करके दिखाया है। इससे पहले साल 2013 में आखिरी बार शाहिद अफरीदी ने ऐसा किया था। रिकॉर्ड बुक पर नजर डालें तो शाहिद अफरीदी अपने करियर में कुल 3 बार एक ही वनडे मैच में फिफ्टी लगाने के साथ 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने में कामयाब रहे थे।
पाकिस्तान के लिए एक मैच में अर्धशतक और 5 विकेट लेने वाले खिलाड़ी
वनडे क्रिकेट के इतिहास में पाकिस्तान के लिए यह मुकाम चुनिंदा खिलाड़ियों ने हासिल किया है। इस खास फेहरिस्त में अब्दुल रज्जाक ने साल 2000 में होबार्ट के मैदान पर भारत के खिलाफ यह कारनामा किया था। इसके अलावा शाहिद अफरीदी ने साल 2000 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ, साल 2011 में शारजाह में श्रीलंका के खिलाफ और साल 2013 में प्रोविडेंस में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। अब इस ऐतिहासिक सूची में अराफात मिन्हास का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने साल 2026 में रावलपिंडी के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ यह शानदार प्रदर्शन किया है।
लड़खड़ाती पारी को संभाला और गेंदबाजी में बरपाया कहर
इस मुकाबले के रोमांचक सफर की बात करें तो पाकिस्तान की पारी शुरुआती झटकों के बाद गहरे संकट में फंस गई थी, जब टीम के 133 रन के स्कोर पर ही 5 प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे मुश्किल समय में क्रीज पर उतरे अराफात मिन्हास ने सूझबूझ और आक्रामकता का परिचय देते हुए 59 रनों की बहुमूल्य पारी खेली और टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाते हुए 302 रन तक पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाजी में भी अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए अराफात ने 40 रन देकर इंग्लैंड के 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया, जिसके दम पर पूरी अंग्रेजी टीम 215 रन के स्कोर पर ही ढेर हो गई।



















