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ऑटो को बनाया चलता-फिरता चाट सेंटर, बीकॉम डिग्री धारक पोखन लाल साहू हर दिन कमा रहे 3000 रुपयेछत्तीसगढ़
2 अक्तू॰ 2026, 11:01 pm (22 मिनट पहले)· 0

ऑटो को बनाया चलता-फिरता चाट सेंटर, बीकॉम डिग्री धारक पोखन लाल साहू हर दिन कमा रहे 3000 रुपये

पारंपरिक चाट के व्यवसाय को नया रूप देते हुए बीकॉम स्नातक पोखन लाल साहू ने एक पुराने ऑटो को मॉडिफाई कर मोबाइल ठेला बनाया, जिससे वह रोजाना 3000 रुपये से अधिक जुटा रहे हैं।

पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाकर स्वरोजगार का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। बीकॉम तक शिक्षा हासिल करने वाले पोखन लाल साहू ने किसी दफ्तर में नौकरी तलाशने के बजाय अपने पिता के चाट कारोबार की बागडोर संभाली। उन्होंने पुराने ढर्रे पर चलने के बजाय इसमें एक अनूठा बदलाव किया और एक पुराने ऑटो को चलता-फिरता चाट स्टॉल बना दिया। इस रचनात्मक बदलाव के चलते वह हर दिन 3000 रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं।

पिता की विरासत को मॉडर्न अंदाज में संवारा

इस चाट सेंटर की नींव पोखन के पिता ने रखी थी। लगभग 11 साल पहले पोखन ने इस दुकान की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली थी। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी की दौड़ में शामिल होने के स्थान पर पुश्तैनी काम को ही नई पहचान देने का फैसला किया। उनका मानना था कि यदि सही रणनीति और मेहनत लगाई जाए, तो परिवार के स्थापित व्यवसाय को एक बड़े मुकाम पर पहुंचाया जा सकता है।

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1 लाख रुपये में तैयार हुआ चलता-फिरता ठेला

कारोबार को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने और बाजार की सीमाओं से बाहर निकलने के लिए पोखन ने एक पुराना ऑटो खरीदा। ऑटो की खरीद और उसे पूरी तरह से चाट सेंटर में मॉडिफाई कराने में कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये की लागत आई। इस मोबाइल स्टॉल का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि वह मांग के अनुसार अलग-अलग इलाकों और बाजारों में बिना किसी झंझट के अपना सेटअप ले जा सकते हैं।

स्वाद का खास तरीका और समय सारिणी

पोखन के चाट की खासियत उसकी खास रेसिपी है। वह बताते हैं कि फ्राई चाट तैयार करने से पहले सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से तला जाता है और फिर उसे मसालेदार चाट के रूप में ग्राहकों को परोसा जाता है। यही विधि इसे सामान्य चाट से अलग और स्वादिष्ट बनाती है। इसके अलावा वह गुपचुप की भी बिक्री करते हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक वह अपनी दुकान संचालित करते हैं।

कई बाजारों में मौजूदगी और युवा पीढ़ी के लिए संदेश

एक तय स्थान पर निर्भर रहने के बजाय पोखन आसपास के चार से पांच प्रमुख साप्ताहिक और स्थानीय बाजारों में जाकर ग्राहकों को अपनी सेवाएं देते हैं। कम दाम और लाजवाब स्वाद के कारण लोग उनकी चाट को हाथों-हाथ लेते हैं। पोखन की यह यात्रा दर्शाती है कि सीमित संसाधनों और कम निवेश में भी यदि नवाचार जोड़ा जाए, तो जमीनी स्तर पर भी एक सफल और आत्मनिर्भर बिजनेस मॉडल खड़ा किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

पोखन लाल साहू कौन हैं और वह क्या करते हैं?
पोखन लाल साहू बीकॉम शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने अपने पिता के चाट व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए एक ऑटो को मॉडिफाई कर चलता-फिरता चाट सेंटर बनाया है।
ऑटो को चाट सेंटर में बदलने में कितना खर्च आया?
पुराने ऑटो को खरीदने और उसे चाट सेंटर के रूप में पूरी तरह तैयार कराने में लगभग 1 लाख रुपये का खर्च आया।
पोखन लाल साहू प्रतिदिन कितना कमा लेते हैं?
इस चलते-फिरते चाट स्टॉल के जरिए वह रोजाना 3000 रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं।
उनकी चाट की क्या खासियत है?
वह फ्राई चाट बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री को पहले अच्छी तरह तलते हैं, जिससे उसका स्वाद सामान्य चाट से अलग और खास हो जाता है।
दुकान खोलने का समय क्या है और वह कहां-कहां जाते हैं?
वह रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक दुकान लगाते हैं और आसपास के चार से पांच अलग-अलग बाजारों में जाकर चाट और गुपचुप बेचते हैं।
पोखन ने कब से इस काम की कमान संभाली?
पोखन के पिता ने इस चाट सेंटर की शुरुआत की थी और करीब 11 साल पहले पोखन ने इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह अपने हाथों में ली थी।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

नौकरी के पीछे भागने से बेहतर है अपना काम खड़ा करना। ऑटो को ही दुकान बना लिया, बढ़िया दिमाग लगाया है भाई ने।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 मिनट पहले

रोहन भाई, बात तो सही है पर ₹3000 रोज़ कमाना हर बाजार में मुमकिन नहीं लगता। ट्रैफिक पुलिस और म्यूनिसिपैलिटी वाले भी इतनी आसानी से ऑटो रुकने नहीं देते होंगे।

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