वनडे क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के दबदबे के बीच भी फिरकी गेंदबाजों ने हमेशा अपनी अलग पहचान बनाई है, और सबसे ज्यादा विकेट लेने का जो रिकॉर्ड एक श्रीलंकाई गेंदबाज के नाम दर्ज है, वह पिछले डेढ़ दशक से किसी और के हाथ नहीं लगा. एकदिवसीय क्रिकेट के पूरे इतिहास में जिन दस स्पिन गेंदबाजों ने सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा है, उनकी सूची में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड तक के दिग्गज शामिल हैं.
मुथैया मुरलीधरन: 534 विकेट, आज तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड
साल 1993 से 2011 तक चले अपने करियर में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने 350 वनडे मुकाबले खेले और 341 पारियों में गेंदबाजी की. इस दौरान उन्होंने कुल 18,811 गेंदें डालीं, 12,326 रन खर्च किए और 534 बल्लेबाजों को आउट किया, जो वनडे इतिहास में किसी भी स्पिनर के लिए सबसे ज्यादा है. उनकी गेंदबाजी औसत 23.08 और इकॉनमी रेट 3.93 की रही, जबकि उनका सबसे बेहतरीन स्पेल 30 रन देकर 7 विकेट का रहा. करियर में 15 बार चार विकेट और 10 बार पांच विकेट लेने वाले मुरलीधरन की यह उपलब्धि उन्हें फॉर्मेट के सबसे कामयाब फिरकी गेंदबाज का दर्जा दिलाती है.
शाहिद अफरीदी: बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी कमाल
पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए मशहूर रहे, लेकिन उनकी लेग स्पिन गेंदबाजी भी उतनी ही धारदार थी. 1996 से 2015 तक उन्होंने 398 मैचों की 372 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 395 विकेट चटकाए. इस दौरान उन्होंने 17,670 गेंदें फेंकीं और 13,632 रन दिए. उनका सबसे यादगार स्पेल सिर्फ 12 रन देकर 7 विकेट का रहा. 34.51 की औसत और 4.62 की इकॉनमी के साथ अफरीदी ने करियर में 9 बार पारी में पांच विकेट झटके, जो दिखाता है कि वे सिर्फ फिनिशर ही नहीं, एक मैच विजेता गेंदबाज भी थे.
अनिल कुंबले: उछाल और सटीकता के दम पर 337 विकेट
भारत के अनिल कुंबले की गेंदबाजी में तेज टर्न से ज्यादा उछाल और सटीक लाइन लेंथ का दबदबा था. 1990 से 2007 के बीच उन्होंने 271 मैचों की 265 पारियों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 14,496 गेंदें डालीं. इस दौरान उन्होंने 10,412 रन देकर 337 विकेट हासिल किए, यानी हर 43 गेंद पर एक विकेट. उनकी इकॉनमी 4.30 और औसत 30.89 की रही, जबकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 12 रन देकर 6 विकेट का रहा. यह आंकड़े कुंबले को भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद मैच विनर गेंदबाजों में शुमार करते हैं.
सनथ जयसूर्या: तूफानी ओपनर की छिपी हुई गेंदबाजी ताकत
श्रीलंका के सनथ जयसूर्या को दुनिया मुख्य रूप से एक विस्फोटक ओपनर के तौर पर जानती है, लेकिन बाएं हाथ की उनकी स्पिन गेंदबाजी भी बेहद कारगर रही. 1989 से 2011 तक के लंबे करियर में उन्होंने 445 मैच खेले और 368 पारियों में 14,874 गेंदें डालीं. इस दौरान उन्होंने 323 बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि उनका सर्वश्रेष्ठ स्पेल 29 रन देकर 6 विकेट का रहा. 4.78 की इकॉनमी और 36.75 की औसत के साथ जयसूर्या पार्ट टाइम गेंदबाज से कहीं ज्यादा साबित हुए और श्रीलंकाई टीम के लिए अहम विकल्प बने रहे.
शाकिब अल हसन: बांग्लादेश के सबसे बड़े मैच विनर
बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन 2006 से 2023 तक अपनी बाएं हाथ की सटीक स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने गए. 247 मैचों की 241 पारियों में उन्होंने 12,575 गेंदें फेंककर 317 विकेट लिए. उनकी औसत 29.52 और इकॉनमी 4.46 की रही, जो उन्हें एक कंजूस लेकिन असरदार गेंदबाज साबित करती है. करियर में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन देकर 5 विकेट का रहा और उन्होंने 4 बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया, जिसने उन्हें बांग्लादेशी क्रिकेट का सबसे बड़ा सितारा बना दिया.
डेनियल विटोरी: न्यूजीलैंड की फिरकी का भरोसेमंद चेहरा
न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी अपनी शांत गेंदबाजी शैली और चतुराई भरी फ्लाइट के लिए जाने जाते थे. 1997 से 2015 तक उन्होंने 295 वनडे मुकाबले खेले और 277 पारियों में 14,060 गेंदें डालीं. इस दौरान उन्होंने 305 विकेट हासिल किए, जबकि उनका सबसे कातिलाना स्पेल सिर्फ 7 रन देकर 5 विकेट का रहा. 4.12 की बेहद कसी हुई इकॉनमी और 31.71 की औसत के साथ विटोरी लंबे समय तक न्यूजीलैंड के स्पिन आक्रमण की धुरी बने रहे.
शेन वॉर्न: गेंद से बल्लेबाजों का दिमाग पढ़ने वाला जादूगर
ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न ने 1993 से 2005 तक सिर्फ 194 मैचों में ही अपनी लेग स्पिन का लोहा मनवाया. 191 पारियों में 10,642 गेंदें फेंककर उन्होंने 293 विकेट अपने नाम किए. उनकी औसत 25.73 और स्ट्राइक रेट महज 36.3 का रहा, जबकि करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 33 रन देकर 5 विकेट का रहा. वॉर्न की गेंदें सिर्फ टर्न ही नहीं लेती थीं, बल्कि बल्लेबाजों की सोच पर भी असर डालती थीं, यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली स्पिनरों में गिना जाता है.
सकलैन मुश्ताक: 'दूसरा' के आविष्कारक ने रचा इतिहास
पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक का करियर 1995 से 2003 तक अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन उनका असर बहुत गहरा था. दूसरा गेंद का आविष्कार करने वाले सकलैन ने महज 169 मैचों में 288 विकेट चटकाए. उनकी औसत 21.78 और स्ट्राइक रेट 30.4 इस पूरी सूची में सबसे बेहतरीन आंकड़ों में गिने जाते हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 20 रन देकर 5 विकेट का रहा और उन्होंने करियर में 6 बार पारी में पांच विकेट लेने का कमाल किया.
हरभजन सिंह: भारतीय फिरकी आक्रमण के 'टर्बनेटर'
भारत के हरभजन सिंह 1998 से 2015 तक भारतीय स्पिन आक्रमण की रीढ़ बने रहे. 236 मैचों की 227 पारियों में उन्होंने 12,479 गेंदें डालकर 269 विकेट लिए. उनकी इकॉनमी 4.31 और औसत 33.35 की रही, जबकि उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 31 रन देकर 5 विकेट का रहा. आक्रामक अंदाज और अहम मौकों पर विकेट निकालने की काबिलियत ने ही उन्हें विश्व क्रिकेट में टर्बनेटर की पहचान दिलाई.
आदिल रशीद: आधुनिक दौर में लेग स्पिन का दबदबा
इंग्लैंड के आदिल रशीद ने 2009 से 2026 तक के अपने करियर में तेज रफ्तार वाले मौजूदा दौर के क्रिकेट में भी लेग स्पिन को असरदार बनाए रखा है. 164 मैचों की 158 पारियों में उन्होंने अब तक 243 विकेट लिए हैं. उनकी इकॉनमी भले ही 5.64 की रही हो, लेकिन 33.6 का स्ट्राइक रेट बताता है कि वे लगातार विकेट निकालने में माहिर हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 27 रन देकर 5 विकेट का रहा है, जो उन्हें मौजूदा पीढ़ी के सबसे भरोसेमंद स्पिन गेंदबाजों में शामिल करता है.
तेज गेंदबाजों जितना ही असरदार रहा है फिरकी का जादू
इन दस गेंदबाजों के आंकड़े बताते हैं कि वनडे क्रिकेट में तेज गेंदबाजों जितना ही असर फिरकी गेंदबाजों ने भी डाला है. मुरलीधरन का 534 विकेटों का रिकॉर्ड अब भी सबसे ऊपर खड़ा है और आने वाले वर्षों में इसे तोड़ना किसी भी मौजूदा स्पिनर के लिए आसान नहीं दिखता.



















