बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के मोमासर बास गांव में विधायक ताराचंद सारस्वत की चुनावी सभा उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब मौजूद युवाओं ने विकास कार्यों और स्थानीय दिक्कतों को लेकर सीधे सवाल पूछने शुरू कर दिए. राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर प्रचार अभियान जोरों पर चल रहा है और इसी कड़ी में विधायक सारस्वत मोमासर बास में जनसभा कर रहे थे.
जानकारी के मुताबिक, सभा के दौरान विधायक सारस्वत क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का ब्योरा दे रहे थे और सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे. इसी बीच वहां मौजूद कुछ वार्डवासियों और युवाओं ने बीच में टोकते हुए स्थानीय समस्याओं पर जवाब मांगना शुरू कर दिया. देखते ही देखते सवाल-जवाब का यह सिलसिला गरमागरम बहस में बदल गया और कार्यक्रम में हंगामे जैसी स्थिति बन गई.
सड़क, पानी और सफाई पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया जा रहा है कि युवाओं ने मुख्य रूप से क्षेत्र की सड़कों, पानी की सप्लाई और सफाई व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों को लेकर विधायक से जवाब मांगा. हालांकि इन समस्याओं की बारीक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है. युवाओं का कहना था कि चुनाव के वक्त ही सही, जनप्रतिनिधियों से आम लोगों की परेशानियों और अधूरे विकास कार्यों पर सीधा जवाब लिया जाना चाहिए. इसी हंगामे के बीच कुछ लोगों की तरफ से बीजेपी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए जाने की बात सामने आई है.
पुलिस पहुंची, मामला शांत कराया
कार्यक्रम स्थल पर हंगामा बढ़ने की खबर मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद स्थानीय लोगों और कार्यक्रम में शामिल लोगों से बातचीत कर स्थिति को काबू में किया. पुलिस की मौजूदगी के बाद माहौल शांत हुआ और तनाव धीरे-धीरे कम होता गया. राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी बड़े विवाद, झड़प या अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई.
चुनाव प्रचार के बीच बढ़ी सियासी हलचल
श्रीडूंगरगढ़ में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. अलग-अलग वार्डों के प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं से सीधा संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में जुटे हैं. ऐसे माहौल में किसी जनप्रतिनिधि की सभा में स्थानीय लोगों की ओर से सीधे सवाल उठाया जाना और उसके बाद हंगामा होना, चुनावी माहौल को और गरमा गया है. विधायक सारस्वत के कार्यक्रम में हुई इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हंगामे के दौरान किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं. पुलिस ने मामले को समय रहते शांत करा दिया, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.





















