भारतीय मिठाइयों की सूची में बालूशाही का नाम आते ही मुंह में पानी आ जाता है। बाहर से हल्की खस्ता और अंदर से बेहद नरम यह मिठाई त्योहारों, शादियों और हर खास मौके की रौनक बढ़ा देती है। बहुत से लोगों को लगता है कि इसे बनाना बहुत कठिन है, लेकिन कुछ जरूरी बातों और सही तरीके को अपनाकर इसे घर पर आसानी से हलवाई जैसा तैयार किया जा सकता है।
सामग्री और तैयारी
इस स्वादिष्ट मिठाई को बनाने के लिए आपको मैदा, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा, घी, दही, गुनगुना पानी, चीनी, इलायची पाउडर, केसर और सजावट के लिए कटे हुए पिस्ता और बादाम की आवश्यकता होगी। सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को आपस में अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें घी डालकर हाथों की मदद से तब तक मसलें जब तक पूरा मिश्रण ब्रेडक्रम्ब जैसा न दिखने लगे। इसके बाद इसमें दही शामिल करें और हल्के हाथों से मिलाएं। यदि जरूरत महसूस हो तो थोड़ा सा गुनगुना पानी मिलाते हुए एक नरम आटा गूंथ लें। इस बात का खास ख्याल रखें कि आटे को ज्यादा जोर देकर न गूंथें, क्योंकि ऐसा करने से बालूशाही की परतें नहीं बन पाएंगी। आटे को तैयार करने के बाद इसे किसी बर्तन से ढककर लगभग 20 से 25 मिनट के लिए रेस्ट करने के लिए छोड़ दें।
आकार देने की प्रक्रिया
तय समय के बाद आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। अब प्रत्येक लोई को हथेलियों के बीच रखकर हल्का सा गोल करें और उसके ठीक बीच में अपने अंगूठे की सहायता से एक छोटा सा गड्ढा बना दें। बालूशाही का यही पारंपरिक और असली आकार होता है, जो इसे अंदर तक पकने में मदद करता है।
चाशनी बनाने का तरीका
बालूशाही के लिए चाशनी तैयार करने के लिए एक पैन में चीनी और पानी डालकर गैस पर उबालने के लिए रख दें। जब चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाए और चाशनी उबलकर एक तार की चाशनी बन जाए, तब गैस पर से उतारने से पहले उसमें इलायची पाउडर और केसर मिला दें। अब गैस की आंच बंद कर दें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि चाशनी को पूरी तरह ठंडा नहीं होने देना है, उसे गर्म ही रहने दें ताकि बालूशाही उसमें आसानी से चाशनी सोख सके।
तलने की सही विधि
एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी या तलने के लिए तेल गर्म करें। इस चरण में सबसे जरूरी बात यह है कि तेल या घी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए। आंच को बिल्कुल धीमा रखें और धीमी आंच पर ही बालूशाही को कड़ाही में डालें। इन्हें धीरे-धीरे तलते रहें जब तक कि इनका रंग सुनहरा न हो जाए। धीमी आंच पर पकने में इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट तक का समय लग सकता है। यदि आप इसे तेज आंच पर तलेंगे तो बालूशाही बाहर से तो जल जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची ही रह जाएगी।
अंतिम चरण और सजावट
जब बालूशाही दोनों तरफ से सुनहरी और खस्ता हो जाए, तो उन्हें कड़ाही से बाहर निकाल लें और लगभग 2 से 3 मिनट के लिए ठंडा होने दें। इसके बाद इस हल्की गर्म बालूशाही को पहले से तैयार गर्म चाशनी में करीब 5 मिनट के लिए डुबोकर रख दें ताकि चाशनी अंदर तक चली जाए। अंत में इन्हें चाशनी से बाहर निकालें और ऊपर से कटे हुए पिस्ता और बादाम के टुकड़े सजावट के लिए छिड़क दें। अब आपकी तैयार बालूशाही को कुछ देर सूखने के लिए छोड़ दें ताकि चाशनी उस पर अच्छी तरह सेट हो जाए।



















