एशियन गेम्स मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने अपना वर्चस्व कायम रखते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. फाइनल मुकाबले में भारत का सामना पाकिस्तान से हुआ, जहाँ दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली. भारतीय टीम ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता स्वीकारते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 211 रनों का विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. इस कठिन लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद 6 विकेट गंवाकर 196 रन ही बना सकी, जिसके चलते भारत ने यह खिताबी मुकाबला 19 रनों के अंतर से जीत लिया.
शीर्ष क्रम की तेज शुरुआत और अर्धशतकीय पारियां
भारत की इस खिताबी जीत की नींव शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने रखी. टीम के लिए अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से बेहद आक्रामक खेल दिखाया. अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 28 गेंदों में 61 रनों की पारी खेली. वहीं तिलक वर्मा ने भी पाकिस्तानी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और 22 गेंदों में 51 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे. इन दोनों युवा बल्लेबाजों की पारियों ने भारतीय पारी को शुरुआती गति और मजबूती प्रदान की.
डेथ ओवरों में शिवम दुबे की अहम आतिशी पारी
अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के मजबूत मंच तैयार करने के बाद अंतिम ओवरों में शिवम दुबे का प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ. शिवम दुबे की तेज-तर्रार फिनिशिंग के दम पर ही भारतीय पारी 200 के आंकड़े को पार करते हुए 211 रनों तक पहुँच पाई. दुबे ने अंतिम ओवरों में आक्रामक रुख अपनाते हुए 15 गेंदों का सामना किया और 2 चौकों व 2 छक्कों की मदद से 27 महत्वपूर्ण रन जोड़े. इस पारी ने विपक्षी टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव काफी बढ़ा दिया.
वाशिंगटन सुंदर की किफायती गेंदबाजी ने पलटा मैच
बल्लेबाजों द्वारा 211 रनों का लक्ष्य खड़ा करने के बाद गेंदबाजों के सामने इसे बचाने की कठिन चुनौती थी, जहाँ वाशिंगटन सुंदर का स्पेल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. सुंदर ने अपने पूरे स्पेल के दौरान पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलकर हाथ नहीं खोलने दिए. उन्होंने पारी के छठे ओवर में बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 3 रन खर्च किए. इसके बाद 12वें ओवर में भी उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों को बांधकर रखा और केवल 8 रन दिए.
अंतिम ओवरों का रोमांच और 19 रनों की जीत
सुंदर ने अपने स्पेल का अंतिम यानी पारी का 18वां ओवर फेंका, जहाँ उन्होंने मात्र 8 रन दिए और साथ ही 1 महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर पाकिस्तान की वापसी की उम्मीदों को करारा झटका दिया. सुंदर के इस अनुशासित प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 33 रनों की भारी जरूरत थी. अंतिम 6 गेंदों पर पाकिस्तानी बल्लेबाज दबाव के आगे केवल 13 रन ही जुटा सके. इस तरह भारतीय टीम ने विपक्षी चुनौती को 196 रनों पर सीमित करते हुए 19 रनों से मुकाबला जीतकर लगातार दूसरा गोल्ड मेडल सुरक्षित किया.



















