मौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलयूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुस्त विकास और असमान महंगाई के बीच वैश्विक बाजारों में सतर्कताअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपीलदमदार निखार के लिए क्या खाएं, डॉक्टर जश्या सरीन ने बताए स्किन फ्रेंडली फूड्सआरबीएनजेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच फिसला न्यूजीलैंड डॉलर27 अक्टूबर को आ रहा है Redmi K100 स्मार्टफोन, बोस साउंड और 165Hz स्क्रीन से लैस होने की चर्चागुजरात में शुरू हुई निम्रत कौर आहूवालिया की नई शूटिंग, शेयर की खास तस्वीरकुंभ राशिफल नवंबर 2026: शनि की चाल से क्या होगा असर और उतरती साढ़ेसाती का हाल
अनबिल महेश पोय्यामोझी भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार, 100 करोड़ की रिश्वत का है आरोपअपराध
26 अक्तू॰ 2026, 5:32 pm (10 घंटे पहले)· 1

अनबिल महेश पोय्यामोझी भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार, 100 करोड़ की रिश्वत का है आरोप

तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को चेन्नई पुलिस ने निजी स्कूलों से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी सीसीबी ने यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निजी स्कूलों को जरूरी सरकारी मंजूरियां और लाइसेंस दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की गई थी। इस पूरे प्रकरण में लगभग 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लिए जाने का संदेह जताया जा रहा है, जिसकी जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।

177 निजी स्कूलों से जुड़ा है पूरा मामला

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला कुल 177 निजी स्कूलों के संचालन और उनकी स्वीकृतियों से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि स्कूल प्रबंधनों से सरकारी अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी, लाइसेंस, मान्यता और उनके नवीनीकरण के एवज में कथित तौर पर भारी रकम वसूली गई थी। पुलिस का दावा है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों से पूर्व मंत्री की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया है।

ये भी पढ़ें

मद्रास हाई कोर्ट से नहीं मिली कोई राहत

गिरफ्तारी से ठीक पहले इस मामले में कानूनी मोर्चे पर भी अनबिल महेश पोय्यामोझी को बड़ा झटका लगा था। सोमवार, 26 अक्टूबर को मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने गिरफ्तारी पर किसी भी तरह की रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। इसके साथ ही, पूर्व मंत्री की तरफ से इस मामले में दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से रद्द कराने के लिए भी अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है, जिस पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

राजनीतिक गलियारों में तेज हुई जुबानी जंग

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को दबाने और उन्हें निशाना बनाने के लिए केंद्रीय या राज्य स्तर की जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। दूसरी तरफ, अनबिल महेश पोय्यामोझी ने अपने ऊपर लगे सभी भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया है।

सवाल-जवाब

अनबिल महेश पोय्यामोझी को किसने गिरफ्तार किया है?
उन्हें चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है।
उन पर मुख्य रूप से क्या आरोप है?
उन पर निजी स्कूलों को लाइसेंस और सरकारी मंजूरियां दिलाने के नाम पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
इस कथित मामले से कितने निजी स्कूल जुड़े हैं?
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला 177 निजी स्कूलों से जुड़ा हुआ है।
मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर क्या फैसला दिया था?
हाई कोर्ट ने सोमवार, 26 अक्टूबर को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp