आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्कूल की दो छात्राओं पर चेनसॉ से जानलेवा हमला करने वाला आरोपी हेमंत पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ में आ गया है. अत्माकुर के वन क्षेत्र में रविवार को जब विशेष पुलिस दल उसे दबोचने पहुंचा, तो उसने पुलिसकर्मियों पर हमला करने का प्रयास किया. इसके जवाब में पुलिस दल की ओर से छह राउंड फायरिंग की गई. इस गोलीबारी में हेमंत गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसके बाद उसे तत्काल अनंतपुर के जिला सरकारी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है.
कक्षा में घुसकर किया था जानलेवा हमला
यह खौफनाक वारदात 31 अक्टूबर को राप्ताडु स्थित एक सरकारी स्कूल परिसर में घटित हुई थी. आरोपी हेमंत अचानक स्कूल की कक्षा के भीतर घुसा और वहां मौजूद कक्षा 10 की दो छात्राओं पर लकड़ी काटने वाली मशीनी आरी (चेनसॉ) से ताबड़तोड़ वार कर दिए. इस अचानक हुए हमले से कक्षा में अफरातफरी मच गई और दोनों छात्राएं लहूलुहान होकर गिर पड़ीं. घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी.
जंगल में घेराबंदी और जवाबी फायरिंग
वारदात के बाद से फरार चल रहे हेमंत के अत्माकुर के जंगलों में छिपे होने की पुख्ता जानकारी विशेष पुलिस टीमों को मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिसकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की. जैसे ही जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर हिरासत में लेने की कोशिश की, उसने बचकर भागने की नीयत से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के लिए पुलिस को छह राउंड गोलियां चलानी पड़ीं. इस मुठभेड़ के दौरान राप्ताडु के सर्किल इंस्पेक्टर को भी चोटें आने की बात सामने आई. गोली लगने से घायल हुए हेमंत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
छात्राओं की स्थिति और उपचार के प्रयास
चेनसॉ के वार से घायल हुई छात्राओं में से एक की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी. उस पर हुए घातक हमले के कारण उसे गहरे जख्म लगे, शरीर में कई फ्रैक्चर आए और उसका दाहिना हाथ कट गया. वहीं दूसरी छात्रा अपनी सहपाठी की जान बचाने के प्रयास में बुरी तरह घायल हो गई थी. अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी छात्रा को प्राथमिक स्तर पर अनंतपुर के सरकारी जनरल अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया. इस विशेष मार्ग के जरिए उसे बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. पुलिस बल अब पूरे घटनाक्रम की आगे की कानूनी जांच में जुटा है.



















