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ओमान से मस्कट होते हुए भारत लाया गया महादेव ऐप का कर्ताधर्ता सौरभ चंद्राकर, रायपुर की विशेष अदालत में होगी पेशीअपराध
1 नव॰ 2026, 7:23 pm (8 मिनट पहले)· 0

ओमान से मस्कट होते हुए भारत लाया गया महादेव ऐप का कर्ताधर्ता सौरभ चंद्राकर, रायपुर की विशेष अदालत में होगी पेशी

इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और कूटनीतिक समन्वय के बाद महादेव सट्टेबाजी ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है, जहां रायपुर कोर्ट में उसकी पेशी होगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया गया है। विदेश की धरती से हजारों करोड़ रुपये के अवैध सट्टेबाजी तंत्र की कमान संभाल रहे इस आरोपी पर भारतीय जांच एजेंसियों की लगातार नजर थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ठोस पहल तथा विदेशी पुलिस एजेंसियों के समन्वय से यह पूरी प्रत्यर्पण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। इंटरपोल के जरिए जारी अलर्ट से शुरू होकर मस्कट से कस्टडी में भारत पहुंचने तक चला यह अभियान सट्टेबाजी की दुनिया से जुड़े तत्वों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब रायपुर स्थित विशेष CBI अदालत में उसकी पेशी के साथ ही इस पूरे अवैध तंत्र की भीतरी परतों को खोलने की तैयारी है।

इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस से मस्कट में गिरफ्तारी तक का घटनाक्रम

जांच एजेंसियों ने सौरभ चंद्राकर पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने के लिए इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसी नोटिस के आधार पर जांच करते हुए उसकी सटीक लोकेशन ओमान में ट्रैक की गई। इसके तुरंत बाद रॉयल ओमान पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के फौरन बाद CBI और ED ने प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए ओमान सरकार के समक्ष सभी जरूरी साक्ष्य और औपचारिक दस्तावेज पेश किए। दोनों देशों के बीच बने कूटनीतिक तालमेल और कानूनी सहयोग के चलते ओमान के प्रशासन ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को हरी झंडी दे दी। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसी की विशेष टीम मस्कट पहुंची और वहां से आरोपी को अपनी कस्टडी में लेकर भारत रवाना हो गई।

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रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई

भारत की जमीन पर कदम रखते ही जांच एजेंसियों ने अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। तय नियमों के अनुसार सबसे पहले सौरभ चंद्राकर का अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद कानूनी मंजूरी और ट्रांजिट रिमांड हासिल करके उसे रायपुर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार अगले दिन उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले में CBI पहले ही अपनी दो विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल कर चुकी है। वहीं दूसरी तरफ ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क यानी अटैच कर रखा है और मामले में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दर्ज कराई हुई है।

म्यूल बैंक खातों और हवाला से तैयार सट्टेबाजी का संगठित तंत्र

मामले की जांच से यह साफ हुआ है कि महादेव बुक केवल एक साधारण मोबाइल ऐप नहीं था, बल्कि यह देश और विदेश तक फैला हुआ एक संगठित हाई-टेक सिंडिकेट था। इस पूरे खेल को एक फ्रेंचाइजी मॉडल की तर्ज पर चलाया जा रहा था, जिसमें देश के कई अलग-अलग शहरों में स्वतंत्र पैनल और स्थानीय शाखाएं खोली गई थीं। सट्टे से आने वाली भारी नकदी और अवैध कमाई को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी और किराए के म्यूल बैंक खातों का सहारा लिया जाता था। इस अवैध धन को बैंकिंग तंत्र के भीतर कई लेयर्स में घुमाया जाता था ताकि असली स्रोत छिप जाए, और फिर हवाला चैनलों के जरिए भारी रकम को देश की सीमाओं से बाहर भेज दिया जाता था। अदालत में पेशी और पूछताछ के जरिए जांच एजेंसियां अब इस सिंडिकेट के बाकी बचे सहयोगियों और बैकग्राउंड में मदद करने वाले संरक्षकों तक पहुंचने की कोशिश करेंगी।

सवाल-जवाब

सौरभ चंद्राकर कौन है और उसे कहां से लाया गया है?
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का मुख्य संचालक है, जिसे ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है।
उसे गिरफ्तार करने में किस अंतरराष्ट्रीय अलर्ट की भूमिका रही?
जांच एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी किए गए रेड कॉर्नर नोटिस की मदद से उसे ओमान में ट्रेस कर पकड़ा गया।
भारत लाने के बाद सबसे पहले क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे?
भारत पहुंचते ही उसका अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर ले जाया जाएगा।
उसे किस अदालत में पेश किया जाएगा?
सौरभ चंद्राकर को रायपुर स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।
इस मामले में जांच एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
CBI इस मामले में दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि ED ने करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क कर प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दर्ज की है।
महादेव ऐप का सट्टेबाजी नेटवर्क किस तरह संचालित होता था?
यह एक फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलता था, जिसमें कई शहरों में पैनल बने थे और काले धन को छुपाने के लिए म्यूल बैंक खातों तथा हवाला का उपयोग किया जाता था।
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