गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने विदेश से तस्करी कर लाए जा रहे उच्च गुणवत्ता वाले हाइड्रोपोनिक गांजे की खेप बरामद की। पकड़े गए इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ का कुल वजन 13.012 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तस्करी के आरोप में दो यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाई एयरवेज की उड़ान से पहुंचे थे दोनों आरोपी
सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए यात्रियों में एक पुरुष और एक महिला शामिल हैं। दोनों की पहचान 31 वर्षीय मोहम्मद अकील शेख और 29 वर्षीय कनीज जहेरा मोमिन के रूप में की गई है। यह दोनों आरोपी मूल रूप से गुजरात के सूरत शहर के रहने वाले हैं। दोनों यात्री थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से थाई एयरवेज की नियमित उड़ान संख्या TG-343 में सवार होकर अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरे थे।
एक्स-रे जांच में ट्रॉली बैग से मिले 14 पैकेट
हवाई अड्डे के टर्मिनल पर नियमित जांच और निगरानी के दौरान एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों को इन दोनों यात्रियों के हाव-भाव और गतिविधियों पर संदेह हुआ। इसके तुरंत बाद दोनों को रोककर पूछताछ की गई और उनके सामान की विस्तृत तलाशी की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने जब यात्रियों के ट्रॉली बैग को एक्स-रे स्कैनर मशीन से गुजारा, तो स्क्रीन पर संदिग्ध आकृतियां नजर आईं। इसके बाद बैग को खोलकर बारीकी से देखा गया तो दोनों बैग के भीतर से पॉलीथिन में सावधानीपूर्वक पैक किए गए कुल 14 संदिग्ध पैकेट बरामद हुए। मौके पर तकनीकी जांच करने पर पैकेटों में हाइड्रोपोनिक गांजा होने की पुष्टि हुई।
एनडीपीएस कानून में केस दर्ज, सिंडिकेट की तलाश
प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद होने के बाद सीमा शुल्क विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ यानी NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लाने के पीछे किसी संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हाथ हो सकता है। फिलहाल अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बैंकॉक में यह खेप उन्हें किसने सौंपी थी और गुजरात में इसकी डिलीवरी किन स्थानीय तस्करों या खरीदारों तक की जानी थी।
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा
पारंपरिक गांजे की तुलना में हाइड्रोपोनिक गांजा बेहद महंगा और शक्तिशाली नशीला पदार्थ माना जाता है। इसे मिट्टी के बजाय नियंत्रित तापमान में पोषक तत्वों से युक्त पानी के सहारे विशेष इनडोर सेटअप में उगाया जाता है। इसी आधुनिक कृषि पद्धति और अधिक तीव्रता के कारण अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजारों में इसकी मांग और कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है।



















