जयपुर ग्रामीण जिले के अंतर्गत आने वाले विराटनगर क्षेत्र के कुकड़ेला गांव में पुरानी चुनावी रंजिश का मामला बेहद हिंसक हो गया, जहां रात के समय हथियारों से लैस लोगों ने एक रिहायशी मकान पर धावा बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार मुहैया कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और जन प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने विराटनगर पुलिस थाने का घेराव कर दिया और आरोपियों की फौरन गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात भर धरना दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही रात के लगभग 1 बजे यह प्रदर्शन समाप्त हो सका।
घर में घुसकर मारपीट और अस्पताल में हंगामा
पीड़ित परिवार द्वारा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कुकड़ेला गांव निवासी महेश सैनी के घर पर एक दर्जन से अधिक लोग धारदार हथियारों और लाठी-डंडों के साथ पहुंचे और बाहर खड़े होकर गालियां देने लगे। इस दौरान जब मामले को शांत कराने के लिए लीलाराम सैनी और राकेश सैनी वहां आए, तो हमलावरों ने उन पर बेरहमी से प्रहार कर दिया, जिससे वे दोनों लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद जब घायलों को चिकित्सीय सहायता के लिए विराटनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, तो वहां भी हमलावर पहुंच गए और उन्होंने दोबारा मारपीट की कोशिश की, जिससे अस्पताल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें फौरन जयपुर के लिए रेफर कर दिया।
थाने के बाहर ग्रामीणों का भारी प्रदर्शन और नेताओं की मौजूदगी
इस सनसनीखेज वारदात के विरोध में पीड़ित पक्ष ने एक दर्जन से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ थाने में आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कराया। घटना के काफी समय बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने थाने के प्रांगण में धरना शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में नगरपालिका अध्यक्ष देशराज सैनी, उपाध्यक्ष महेश चंद्र वर्मा, वीरेंद्र गुर्जर, सैनी समाज के अध्यक्ष रोहिताश सैनी, उमराव सांखला और प्रकाश सैनी सहित कई प्रमुख लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिन्होंने पुलिस पर सुस्ती बरतने का आरोप लगाया।
पुलिस के भरोसे के बाद खत्म हुआ धरना
थाने के भीतर और बाहर चले इस उग्र प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जब तक सभी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आते, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। माहौल की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। रात करीब 1 बजे जब पुलिस ने आरोपियों को जल्द पकड़ने का मौखिक और लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। वर्तमान में पुलिस की विभिन्न टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

















