अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
दिल्ली और एनसीआर में दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेते हुए दिए जांच के निर्देशअपराध
28 सित॰ 2026, 11:56 am (32 दिन पहले)· 2

दिल्ली और एनसीआर में दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेते हुए दिए जांच के निर्देश

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा कदम उठाया है। पार्क में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना और चलती बस में एक नाबालिग से हुई बर्बरता जैसी गंभीर वारदातों का स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस पूरे मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था की नाकामी पर तीखी टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने की निर्भया कांड से तुलना

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हालात साल 2012 के बहुचर्चित निर्भया मामले की दर्दनाक यादों को ताजा कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध यह दर्शाते हैं कि जमीन पर सुरक्षा तंत्र किस हद तक कमजोर हो चुका है। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से यह साफ होता है कि कानून व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद करने की सख्त जरूरत है ताकि अपराधियों के मन में डर पैदा हो सके।

ये भी पढ़ें

प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवाल

न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। इस दिशा में प्रशासन और पुलिस महकमे की जवाबदेही तय करना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। अधिकारियों की तरफ से बरती जा रही ढिलाई के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और लगातार ऐसी वीभत्स घटनाएं सामने आ रही हैं। अदालत ने इस मामले में जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे यौन अपराधों और दुष्कर्म की वारदातों पर स्वतः संज्ञान लिया है।
इस मामले की सुनवाई किस पीठ ने की है?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ द्वारा की गई है।
अदालत ने किस पुरानी घटना का जिक्र किया है?
अदालत ने सुनवाई के दौरान साल 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की दर्दनाक यादों का जिक्र किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को क्या निर्देश दिए हैं?
अदालत ने इस मामले में जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश देते हुए पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp