उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पाई-1 सेक्टर में पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर होने के बाद स्थानीय खाताधारकों की नींद उड़ गई है। शुरुआती आकलन के मुताबिक इस पूरे घोटाले की रकम 35 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है। इस चौंकाने वाली खबर के फैलते ही बैंक परिसर के बाहर बड़ी संख्या में ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई, जो अपनी जीवनभर की कमाई को लेकर बेहद चिंतित नजर आए। कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि उनके बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में जमा राशि शून्य हो गई है या पूरी तरह गायब है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
बैंक प्रबंधन का आश्वासन और जांच की प्रक्रिया
इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर राजेश निगम ने खाताधारकों को ढांढस बंधाया है और स्पष्ट किया है कि बैंक में मौजूद हर एक पाई सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बैंक के भीतर आंतरिक जांच और मिलान का काम तेजी से चल रहा है और सभी प्रभावित ग्राहकों को उनका पैसा वापस लौटाया जाएगा। हालांकि, जब उनसे घोटाले के तौर-तरीकों या इसके दायरे के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने विस्तार से जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि उन्हें इस मामले में थोड़ा समय चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पुष्टि की कि यह वित्तीय गड़बड़ी केवल इसी एक शाखा तक सीमित है और अन्य शाखाओं में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
खाताधारकों का छलका दर्द और सरकारी बैंक पर टूटा भरोसा
शाखा पर पहुंचे ग्राहकों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बैंक प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमरपाल नामक एक पीड़ित खाताधारक ने बताया कि उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक में 80 लाख रुपये की तीन अलग-अलग एफडी कराई थीं, जिन्हें बिना उनकी जानकारी के बंद कर दिया गया और अब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला है। उन्होंने यह भी बताया कि इस सिलसिले में थाने में लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बैंक के कर्मचारी केवल यह कहकर टालमटोल कर रहे हैं कि रकम 10 से 15 दिनों के भीतर खाते में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने सरकारी बैंक की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर भरोसा करके अपनी गाढ़ी कमाई जमा की थी, लेकिन अब हालात यह हैं कि पैसे की सुरक्षा को लेकर ही बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि उनका पैसा जल्द से जल्द उनके खातों में सुरक्षित ट्रांसफर किया जाए।
शून्य हुआ बैंक बैलेंस और मायूस ग्राहक
एक अन्य पीड़ित ग्राहक बृजेश कुमार ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए बताया कि उनके बैंक खाते में कुल 1.18 करोड़ रुपये जमा थे, लेकिन जब वे निकासी के लिए बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनका पूरा बैलेंस साफ हो चुका है और खाता शून्य हो गया है। बैंक मैनेजर ने उन्हें दिवाली से पहले पैसे मिलने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्राहकों का कहना है कि उन्हें इस वादे पर कोई भरोसा नहीं है। इसी तरह बीना नामक एक महिला खाताधारक ने कहा कि उन्होंने केवल इसलिए सरकारी बैंक को चुना था ताकि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे, लेकिन उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। बैंक अधिकारियों ने उन्हें केवल एक औपचारिक आवेदन लिखकर देने को कहा है, जिससे पैसा मिलने की बात कही जा रही है, लेकिन इसकी कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है। फिलहाल बैंक प्रबंधन ग्राहकों को लगातार यह समझाने में लगा है कि उनकी पूंजी सुरक्षित है और जांच पूरी होने के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी, जबकि ग्राहक अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए अधिकारियों के अगले कदमों का इंतजार कर रहे हैं।

















