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सीतापुर में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद, 3 महीने में आया फैसलाअपराध
9 सित॰ 2026, 12:07 am (50 दिन पहले)· 2

सीतापुर में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद, 3 महीने में आया फैसला

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पॉक्सो कोर्ट ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीन महीने चले मुकदमे में पुलिस के फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रिश्तों को तार-तार करने वाले एक मामले में अदालत ने मंगलवार को सख्त फैसला सुनाया है। अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले पिता को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार की कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों के बल पर इस मामले की सुनवाई केवल तीन महीने में पूरी कर ली गई। यह पूरी घटना कमलापुर थाना क्षेत्र की है।

झूठ बोलकर बच्ची को जंगल ले गया था पिता

यह सनसनीखेज मामला 17 मई 26 का है। कमलापुर थाना क्षेत्र के गवहिया निवासी आरोपी पिता मतोले अपनी नाबालिग बेटी को उसकी बुआ के घर से बहला-फुसलाकर ले गया था। उसने बच्ची से झूठ कहा था कि वह उसे राजस्थान में रह रही उसकी मां के पास ले जा रहा है। हालांकि, रास्ते में आरोपी उसे एक सुनसान जंगल की तरफ ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और अपनी मां को आपबीती बताई। घटना की जानकारी मिलते ही मां ने उसी दिन थाने में पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

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फॉरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए कमलापुर की कोतवाली प्रभारी इतुल चौधरी ने तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके साथ ही अपराध स्थल से महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए गए, जिनमें आरोपी की कमीज के टूटे बटन, बाल और पीड़िता के कपड़े शामिल थे। इन सभी नमूनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, जहां से मिली रिपोर्ट ने अपराध की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और घटना के महज 10 दिन के भीतर, यानी 2 जून 26 को पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया।

3 महीने में सुनवाई पूरी और 20 हजार का जुर्माना

विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार की अदालत में इस मामले का विचारण तेजी से चला। अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी करते हुए पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इसके साथ ही न्यायालय ने यह आदेश भी दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी।

सवाल-जवाब

सीतापुर पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी पिता को क्या सजा सुनाई?
विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
यह घटना किस थाना क्षेत्र और किस तारीख की है?
यह घटना 17 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कमलापुर थाना क्षेत्र के गवहिया गांव की है।
मामले में पुलिस ने कितने दिनों में चार्जशीट पेश की थी?
कमलापुर पुलिस ने घटना के महज 10 दिन बाद, 2 जून 2026 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
अदालत में मामले की सुनवाई कितने समय में पूरी हुई?
मजबूत फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर ट्रायल कोर्ट में सुनवाई केवल 3 महीने में पूरी हुई।
अदालत ने जुर्माने की राशि के संबंध में क्या निर्देश दिया?
न्यायालय ने आदेश दिया कि दोषी से वसूल की गई 20,000 रुपये की पूरी अर्थदंड राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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