महाराष्ट्र के जलगांव जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान एक अत्यंत दुखद सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 10 साल के एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना जलगांव शहर के ममुराबाद रोड पर सोमवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
हादसे के बाद भड़की भीड़ का गुस्सा और मारपीट
हादसे का शिकार हुआ बच्चा कांवड़ यात्रा का हिस्सा था। मृतक की पहचान जलगांव के गवलीवाड़ा के रहने वाले प्रबल राजेश गवली के रूप में की गई है। प्रबल की मौके पर ही मौत की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों और यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालुओं तक पहुंची, वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने उस ट्रक को आग के हवाले कर दिया जिसने बच्चे को कुचला था। खबरों के मुताबिक, इस हंगामे के दौरान ट्रक ड्राइवर के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा, मौके पर मोबाइल फोन से इस पूरी घटना की वीडियो शूटिंग कर रहे कुछ युवकों को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा और उनके साथ भी मारपीट की गई।
सड़क पर शव रखकर किया गया जोरदार प्रदर्शन
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब गुस्साए लोगों ने प्रबल के शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मुख्य मांग थी कि ट्रक ड्राइवर को उनके हवाले किया जाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी को लौटना पड़ा वापस
हंगामे के बीच जब जलता हुआ ट्रक देखने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्हें भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साई भीड़ के आक्रामक रुख के कारण दमकल कर्मियों को लगभग दो घंटे तक मौके पर ही लाचार होकर खड़ा रहना पड़ा और अंत में बिना आग बुझाए ही वापस लौटना पड़ा। पूरे इलाके में करीब दो घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। आखिरकार सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस श्रीकांत धिवरे मौके पर पहुंचे और उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाकर भीड़ शांत हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेज भिजवाया। प्रबल के परिवार में उसकी मां, एक बहन और पिता हैं।
पुलिस जांच और पिछले हादसे
पुलिस अब इस दुर्घटना से जुड़े तमाम पहलुओं, परिस्थितियों और ट्रक ड्राइवर की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। इसके साथ ही, हादसे के बाद ट्रक में आगजनी करने और मारपीट की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधों और यातायात नियंत्रण व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे महज दो दिन पहले मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भी ऐसा ही एक हादसा हुआ था, जहां एक 15 साल के डाक कांवड़िया को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी, जिससे किशोर की मौके पर ही मौत हो गई थी।



















