पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। शहर के उत्तरी हिस्से में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम को लगभग 7:40 बजे एक लोकप्रिय सार्वजनिक पूजा पंडाल में अचानक अफरातफरी मच गई। गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले शारदा पार्क चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर यह घटना घटी, जहां मौसम के अचानक बदलने और तेज बारिश शुरू होने के कारण लोग घबरा गए।
बारिश से बचने की कोशिश में हुआ हादसा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पंडाल के बाहर दर्शन के लिए लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अचानक शुरू हुई बारिश से बचने के लिए बिना किसी व्यवस्था के एग्जिट गेट की ओर तेजी से भागी। इस अचानक हुई आपाधापी में कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद वहां भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए और चीख-पुकार मच गई।
अस्पताल में घायलों का चल रहा है इलाज
इस दुर्घटना में शुरुआती तौर पर कम से कम 25 लोगों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। हालांकि, बचाव दल और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MCH) पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम, दमकल विभाग, कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन यानी DMG टीम और कई एंबुलेंस फौरन घटनास्थल पर पहुंच गईं। एहतियात के तौर पर और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चोरबागान पूजा पंडाल को फिलहाल आगंतुकों के प्रवेश के लिए बंद कर दिया गया है।
प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे अस्पताल
हादसे की गंभीरता को भांपते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती सभी घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतरीन चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सरदवत मुखर्जी समेत कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वर्तमान में घटनास्थल पर आपदा प्रबंधन के जवान तैनात हैं और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।


















