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दिल्ली पुलिस के पास पहुंची महिला पत्रकार की शिकायत, राहुल गांधी और सुरक्षाबलों पर धक्का-मुक्की का आरोपअपराध
17 अक्तू॰ 2026, 8:31 pm (27 मिनट पहले)· 0

दिल्ली पुलिस के पास पहुंची महिला पत्रकार की शिकायत, राहुल गांधी और सुरक्षाबलों पर धक्का-मुक्की का आरोप

महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने दिल्ली पुलिस को शिकायत देकर राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के बाहर रिपोर्टिंग के दौरान धक्का देने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस को औपचारिक शिकायत देकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई है। इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।

घटना की पूरी पृष्ठभूमि और आरोप

शिकायतकर्ता महिला पत्रकार ऋचा पराशर के अनुसार यह पूरी घटना 12 अक्टूबर की है। वह उस दिन सुप्रीम कोर्ट के बाहर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। उनका आरोप है कि जब वह राहुल गांधी से प्रतिक्रिया लेने के लिए आगे बढ़ीं, तो नेता और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की। इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीढ़ियों पर गिर गईं।

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ऋचा पराशर ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि उन्होंने लगातार यह बात दोहराई थी कि उन्हें धक्का न दिया जाए, लेकिन उनकी गुहार को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि गिरने की वजह से उन्हें अपने हाथों पर चोटें आईं क्योंकि उन्होंने खुद को संभालने के लिए हाथों का सहारा लिया था।

मेडिकल जांच और अस्पताल का रुख

घटना के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। ऋचा पराशर का कहना है कि उस समय वह ग्यारह सप्ताह की गर्भवती थीं। अचानक हुए इस हादसे के बाद उन्हें पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस हुआ। अपनी गर्भावस्था को लेकर उत्पन्न हुई गंभीर चिंता के चलते उन्हें उसी दिन रात के करीब नौ बजे दिल्ली के प्रसिद्ध सर गंगाराम अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए तुरंत मेडिकल जांच शुरू की। गर्भावस्था की बात सामने आने के बाद जांच के प्रोटोकॉल में बदलाव किया गया और भ्रूण की धड़कन की स्थिति की पुष्टि करने के लिए अल्ट्रासाउंड किया गया।

कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख

दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के नेताओं ने ऋचा पराशर के बयानों की सत्यता पर सवाल खड़े किए हैं और इसे भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रायोजित राजनीतिक दुष्प्रचार करार दिया है। इस सिलसिले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की तरफ से किसी को भी कोई धक्का नहीं दिया गया था।

कानूनी धाराएं और आगे की प्रक्रिया

अपनी इस शिकायत में महिला पत्रकार ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं का हवाला दिया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली पुलिस इस शिकायत के आधार पर क्या कदम उठाती है और जांच का दायरा कहां तक पहुंचता है।

सवाल-जवाब

महिला पत्रकार ने किसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है?
महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
यह घटना किस तारीख को और कहां हुई थी?
यह घटना 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के बाहर हुई थी।
शिकायतकर्ता पत्रकार ने क्या मुख्य आरोप लगाया है?
उनका आरोप है कि रिपोर्टिंग के दौरान राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह सीढ़ियों पर गिर गईं।
घटना के बाद पत्रकार को किस अस्पताल में ले जाया गया था?
पेट में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया था।
कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है और कहा है कि राहुल गांधी ने किसी को धक्का नहीं दिया।
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