मुंबई में बेकरी मालिक से 60 हजार की रिश्वत लेते बीएमसी जूनियर इंजीनियर और कर्मचारी गिरफ्तारवेस्ट डेनिम को नया जीवन देकर उदयपुर की शालिनी मालवीय ने दिल्ली हाट परिसर में बिखेरी पारंपरिक हस्तशिल्प की चमकनेपाल में भीषण बाढ़ तबाही के बाद राहत सामग्री लेकर पहुंचे सोनू सूद, त्रिशूली बाजार के पीड़ितों का बंधाया ढांढसमिनियापोलिस की अपार्टमेंट बिल्डिंग में अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत और 3 पुलिसकर्मी घायलपलामू में 570 मिमी बारिश से बदले हालात, धान को मिली संजीवनी पर सब्जियों और मक्के पर मंडराया खतराअमेरिकी टकसाल ने जारी किया 1 डॉलर का खास गोल्ड फिनिश सिक्का, डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा बना विवाद और चर्चा का केंद्रइंडियन बैंक की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, लोन रिकवरी के बाद बची 3 करोड़ से अधिक की रकम वारिसों को वापस करने के निर्देशडाकोर के रणछोड़राय धाम का अलौकिक इतिहास, जब भक्त बोदना के प्रेम में द्वारका छोड़ बैलगाड़ी पर सवार हुए थे भगवान कृष्णसोनीपत के पास केएमपी एक्सप्रेसवे पर कार और ट्रक की भीषण टक्कर, तीन मजदूरों की जान गई और नौ घायलनगरीय निकाय चुनाव में कोटा के मतदाताओं का स्पष्ट संदेश, पार्टी कार्ड नहीं धरातल पर प्रदर्शन के आधार पर चुना जाएगा पार्षद और महापौर
नेपाल में भीषण बाढ़ तबाही के बाद राहत सामग्री लेकर पहुंचे सोनू सूद, त्रिशूली बाजार के पीड़ितों का बंधाया ढांढसभारत
3 सित॰ 2026, 9:02 am (16 मिनट पहले)· 3

नेपाल में भीषण बाढ़ तबाही के बाद राहत सामग्री लेकर पहुंचे सोनू सूद, त्रिशूली बाजार के पीड़ितों का बंधाया ढांढस

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद मदद के लिए आगे आए हैं। वे खुद ट्रक भरकर राहत सामग्री लेकर त्रिशूली बाजार पहुंचे और प्रभावित परिवारों की मदद का संकल्प जताया।

नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित इलाकों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इस मुश्किल दौर में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाते हुए धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की और प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे इस संकट की घड़ी में अकेले नहीं हैं।

26 अगस्त का खौफनाक मंजर: त्रिशूली नदी का तांडव

नेपाल के इतिहास में 26 अगस्त की तारीख एक दर्दनाक अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। आम दिनों की तरह लोग अपने दैनिक कामकाज में व्यस्त थे और बच्चे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान त्रिशूली नदी के शांत जल ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदी का उफान आसपास की बस्तियों में फैल गया। जलप्रपात के साथ आई भारी मिट्टी, पत्थर और मलबे ने दशकों की मेहनत से बने मकानों को तहस-नहस कर दिया।

ये भी पढ़ें

इस अचानक आई बाढ़ के कारण कई परिवारों के आशियाने छिन गए। मासूम बच्चों की खेलने की दुनिया, खिलौने और स्कूल की किताबें पानी के तेज बहाव में बह गईं। कई स्थानों पर परिवार एक-दूसरे से बिछड़ गए, जहां माता-पिता अपने बच्चों की तलाश कर रहे हैं और बच्चे अपनों को ढूँढ रहे हैं। चारों तरफ मलबे का ढेर और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

मुंबई से त्रिशूली बाजार तक: धरातल पर राहत कार्य

आपदा के इस कठिन समय में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने मुंबई की सुख-सुविधाओं से दूर जाकर सीधे प्रभावित क्षेत्रों का रुख किया। वे खुद राहत सामग्री से भरे ट्रकों का प्रबंध कर नेपाल के तबाही से प्रभावित इलाकों में पहुंचे। कीचड़ से भरी और क्षतिग्रस्त सड़कों को पार करते हुए सोनू सूद सीधे त्रिशूली बाजार पहुंचे, जहां तबाही का मंजर देखकर हर कोई स्तब्ध था।

त्रिशूली बाजार में राहत सामग्री वितरित करते हुए सोनू सूद ने वहां की हृदयविदारक स्थिति पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने घर, परिवार और मासूम बचपन तक को खो दिया है, लेकिन अब सभी को मिलकर उन्हें एक नई शुरुआत देने के लिए आगे आना होगा। उनका स्पष्ट संदेश था कि नेपाल इस दुख में बिल्कुल अकेला नहीं है।

"नेपाल अकेला नहीं है": त्रिशूली नदी के तट से संदेश

त्रिशूली नदी के समीप खड़े होकर सोनू सूद ने बाढ़ की विभीषिका को बेहद करीब से महसूस किया। उन्होंने वहां के माहौल का वर्णन करते हुए कहा कि नदी के किनारे खड़ा होकर तबाही के इस दृश्य को देखना अत्यधिक पीड़ादायक है। चारों तरफ ढहे हुए मकान, तितर-बितर हो चुके परिवार और हमेशा के लिए बदल चुकी जिंदगियां दिखाई दे रही हैं।

सोनू सूद ने अपने संदेश में कहा, "नेपाल अकेला नहीं है। मैं यहां के लोगों के साथ खड़ा हूं और मैं हर मुमकिन कोशिश करूंगा कि फिर से उम्मीदें जागें, घर दोबारा बनें और ये परिवार फिर से जीना शुरू करें।" उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे।

फैंस और नेपाल के नागरिकों ने जताया आभार

सोनू सूद के इस मानवीय कार्य की जानकारी सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और आम नागरिकों ने उनकी जमकर सराहना की है। लोगों ने उन्हें एक बार फिर वास्तविक जीवन का नायक करार दिया। नेपाल के एक स्थानीय निवासी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में नेपाल के साथ खड़े होने के लिए वे सोनू सूद का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।

स्थानीय नागरिक ने आगे कहा कि इस दरियादिली ने लाखों लोगों के दिलों को छुआ है। उन्होंने न केवल राहत सामग्री पहुंचाई, बल्कि उस समय लोगों में उम्मीद जगाई जब इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता थी। नेपाल के लोग इस सहयोग और इंसानियत को हमेशा याद रखेंगे।

कोरोना काल से लेकर सीमा पार तक इंसानियत की मिसाल

यह पहला मौका नहीं है जब सोनू सूद संकटग्रस्त लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इससे पूर्व कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लाखों प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। उस समय भी उनकी इस पहल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई थी।

भारत से नेपाल तक का उनका यह दौरा यह साबित करता है कि मानवीय संवेदनाएं सीमाओं में नहीं बंधती हैं। भोजन के पैकेट, कंबल और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के साथ-साथ उनका यह कदम एक कड़ा संदेश देता है कि दुख चाहे किसी भी देश का हो, उसकी भरपाई के लिए सहृदय हाथ हमेशा आगे आते रहेंगे।

सवाल-जवाब

नेपाल में बाढ़ कब और किस नदी में आई थी?
नेपाल में 26 अगस्त को भीषण बाढ़ आई थी, जब शांत बहने वाली त्रिशूली नदी ने भयानक रूप धारण कर लिया और आसपास के इलाकों में तबाही मचाई।
सोनू सूद नेपाल में राहत सामग्री लेकर कहां पहुंचे?
सोनू सूद मुंबई से राहत सामग्री से भरे ट्रक लेकर सीधे नेपाल के बाढ़ प्रभावित त्रिशूली बाजार पहुंचे।
बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों और बच्चों को क्या नुकसान हुआ?
लोगों के घर, आशियाने और परिजनों की यादें पानी में बह गईं, वहीं मासूम बच्चों के खिलौने, स्कूल की किताबें और रहने का ठिकाना छीन गया।
त्रिशूली नदी के किनारे खड़े होकर सोनू सूद ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि 'नेपाल अकेला नहीं है' और वे प्रभावित परिवारों के घर दोबारा बसाने व उम्मीद जगाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।
कोरोना महामारी के दौरान सोनू सूद ने क्या भूमिका निभाई थी?
कोरोना काल में सोनू सूद ने रातों-रात लाखों प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR