कोटा में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया है। त्योहारी खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शहर भर में निगरानी बढ़ा दी है। इस सुरक्षा घेरे के तहत कुल 734 कैमरों के माध्यम से पूरे शहर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ये सभी कैमरे कोटा के अभय कमांड सेंटर से जुड़े हुए हैं, जहां से शहर के चप्पे-चप्पे की लाइव फुटेज देखी जा रही है।
अभय कमांड सेंटर से हो रही चौबीसों घंटे निगरानी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और कोटा अभय कमांड सेंटर के प्रभारी सोजी लाल मीणा ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 734 कैमरे पूरी तरह से सक्रिय और लाइव मोड पर काम कर रहे हैं। पुलिस प्रमुख स्थानों, व्यस्त चौराहों, अस्पतालों और बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रख रही है। भीड़भाड़ वाले बाजारों में होने वाली गतिविधियों को इन कैमरों के जरिए लगातार ट्रैक किया जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अभय कमांड सेंटर में चार कर्मचारियों की टीम चौबीसों घंटे तैनात रहती है, जो हर एक गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए रखती है।
दिव्य दृष्टि ड्रोन यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम का पहरा
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से शहर पुलिस ने हाल ही में दिव्य दृष्टि ड्रोन यूनिट का शुभारंभ किया था। इस विशेष यूनिट के तहत कुल पांच अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किए गए हैं, जिनका उपयोग घनी आबादी वाले इलाकों और अपराध की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर निगरानी के लिए किया जाता है। यदि इन ड्रोनों के माध्यम से किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या घटना का पता चलता है, तो तुरंत कंट्रोल रूम या संबंधित एसएचओ को इसकी सूचना दे दी जाती है। इसके अलावा, शाम के समय महिलाओं की सुरक्षा के लिए कालिका महिला सुरक्षा यूनिट सड़कों पर गश्त करती है। कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही यह टीम तुरंत मौके पर पहुंच जाती है और पीड़ित महिलाओं को सहायता प्रदान करती है।
सिविल और वर्दी में तैनात कर्मियों से पुख्ता सुरक्षा
सोजी लाल मीणा ने आगे बताया कि अभय कमांड सेंटर में तैनात कर्मियों द्वारा कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी की गई है। पुलिस ने हाल ही में लूटपाट की घटनाओं, हथियारों से जुड़े मामलों और एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यदि कोई पीड़ित व्यक्ति थाने पहुंचने से पहले कमांड सेंटर में शिकायत लेकर पहुंचता है, तो उसकी तुरंत जांच करवाकर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं और खाते को फ्रीज कराने जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जिसके बाद मामला संबंधित थाने में दर्ज कराया जाता है। आगामी दीपावली के त्योहार को देखते हुए कालिका यूनिट की महिला कर्मियों को सादे कपड़ों (सिविल) और पुलिस वर्दी दोनों रूपों में रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।


















