दिल्ली हवाईअड्डे से गुरुग्राम लौट रही एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ कैब किराये को लेकर विवाद के बाद बदसलूकी करने, बंधक बनाने का प्रयास करने और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर घटना सामने आई है। मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया पर पीड़िता की आपबीती सामने आने के महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी चालक को धर दबोचा। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि आरोपी चालक कंपनी के मंच पर फर्जी पहचान पत्र और दूसरे नाम से खाता बनाकर गाड़ी चला रहा था।
तय किराये से दोगुने से अधिक की मांग पर शुरू हुआ विवाद
पीड़िता ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी पूरी आपबीती बयां करते हुए बताया कि घटना सुबह तड़के करीब 4:45 बजे घटी। वह दिल्ली स्थित हवाईअड्डे पर उतरने के बाद अपने गुरुग्राम स्थित आवास जाने के लिए उबर कैब में सवार हुई थीं। यात्रा शुरू करते समय उनके मोबाइल एप्लिकेशन पर कुल किराया लगभग 625 रुपये दर्शाया गया था, जिसका भुगतान उन्होंने कर दिया था। सफर पूरा होने पर जब वह गंतव्य पर पहुंचीं, तो चालक ने उनसे अचानक मनमाना किराया वसूलने की जिद पकड़ ली।
चालक ने अपने फोन में रैपिडो ऐप का एक स्क्रीनशॉट दिखाते हुए महिला से 1,479 रुपये चुकाने का दबाव बनाया। जब महिला यात्री ने स्पष्ट किया कि दिखाया जा रहा स्क्रीनशॉट किसी अन्य एप्लिकेशन का है और वह अपनी बुकिंग का पूरा तय किराया पहले ही चुका चुकी हैं, तो चालक आक्रोशित हो गया। अतिरिक्त राशि देने से साफ इनकार करने पर उसने महिला यात्री को गाड़ी से अपना सामान निकालने से जबरन रोक दिया।
गाड़ी में बंद करने की कोशिश, हाथ पकड़ा और घर तक जाकर धमकाया
महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर का आरोप है कि चालक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए उनका हाथ पकड़ा और उन्हें अपना बैग या सामान निकालने से रोकने के लिए आगे की सीट की खिड़की को तुरंत ऊपर चढ़ाकर बंद कर दिया। चालक ने उन्हें गाड़ी के भीतर बंधक बनाने जैसा बर्ताव किया और मौके पर ही जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी चालक पीड़िता का पीछा करते हुए उनके घर के दरवाजे तक पहुंच गया और वहां भी उन्हें धमकाता रहा। पीड़िता ने इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की।
सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
साइबर स्पेस और इंटरनेट पर नजर रखने वाली पुलिस निगरानी टीम ने जब X पर महिला का यह पोस्ट देखा, तो मामले की गंभीरता को समझते हुए फौरन स्वतः संज्ञान लिया गया। सोशल मीडिया टीम ने इंटरनेट के माध्यम से सीधे पीड़िता से संपर्क साधा और उनके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले को सुलझाने के लिए पालम विहार थाना पुलिस और अपराध शाखा, सेक्टर-39 की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के सहारे पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी चालक का पता लगा लिया और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए 26 वर्षीय आरोपी की पहचान नूंह जिले के घासेड़ा गांव के निवासी यासिर के रूप में हुई है।
फर्जी नाम से आईडी बनाकर चला रहा था कैब
पुलिस की शुरुआती पूछताछ और पड़ताल में एक और बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। आरोपी यासिर खुद के वैध दस्तावेजों के बजाय जमील जाहिद खान के नाम से पंजीकृत फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल करके उबर मंच पर कैब चला रहा था। इस खुलासे ने व्यावसायिक कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों पर चालकों के दस्तावेजी सत्यापन, पृष्ठभूमि जांच और यात्रियों की बुनियादी सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कंपनी ने बंद की चालक की पहुंच, पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उबर ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यात्री के साथ हुआ यह व्यवहार अत्यंत चिंताजनक है और यह कंपनी के सामुदायिक दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करता है। एग्रीगेटर कंपनी ने स्पष्ट किया कि आरोपी चालक की ऐप तक पहुंच को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है। इसके साथ ही जांच एजेंसियों को आवश्यक तकनीकी डेटा और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मामले पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दो टूक कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।



















