स्वायत्त ड्रोन डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख ज़िपलाइन ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत कर लिया है। कंपनी ने 1.5 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि जुटाई है और अमेरिकी बाजार में अपने पदचिन्हों को तेजी से बढ़ाने के लिए रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट के साथ अपनी साझेदारी को और अधिक व्यापक बना दिया है। इन दोनों बड़े कारोबारी समझौतों के बाद इस स्टार्टअप की कुल वैल्यूएशन उछलकर 21.5 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी स्थिति काफी मजबूत हो गई है।
वॉलमार्ट के साथ बहुवर्षीय विस्तार योजना
ज़िपलाइन और वॉलमार्ट के बीच हुए ताजा बहुवर्षीय समझौते के तहत अमेरिका भर में 300 नए ड्रोन डिलीवरी केंद्र जोड़े जाएंगे। दोनों कंपनियों के बीच साल 2021 से ही ड्रोन डिलीवरी को लेकर आपसी साझेदारी चली आ रही है, लेकिन हालिया समझौता मौजूदा समय में संचालित हो रहे 21 सक्रिय डिलीवरी केंद्रों की तुलना में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम है। इस नए विस्तार से अमेरिकी ग्राहकों को और अधिक तेजी से सामानों की होम डिलीवरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
दिग्गज निवेशकों से मिली विशाल फंडिंग
फंडिंग के मोर्चे पर बात करें तो ज़िपलाइन द्वारा जुटाई गई 1.5 अरब डॉलर की इस बड़ी पूंजी का नेतृत्व पैराडाइम, डब्ल्यूसीएम इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और लेयर ग्लोबल जैसी दिग्गज कंपनियों ने किया है। इसके अलावा इस निवेश दौर में वेलर इक्विटी पार्टनर्स, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च कंपनी, उबर, टाइगर ग्लोबल, जेपी मॉर्गन, एआरके इन्वेस्ट और सेल्सफोर्स वेंचर्स ने भी अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई है। इन सभी प्रमुख निवेशकों के समर्थन से ही कंपनी की वैल्यूएशन ने 21.5 अरब डॉलर के मुकाम को छुआ है।
उत्पादन सुविधाओं का विस्तार और नई भर्तियां
ज़िपलाइन ने अपने विमानों, लॉन्च और लैंडिंग प्रणालियों तथा उन्नत लॉजिस्टिक्स सॉफ्टवेयर से लैस एक संपूर्ण ड्रोन डिलीवरी इकोसिस्टम का विकास किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इस नई फंडिंग की मदद से अमेरिका में अपनी विनिर्माण सुविधाओं का दायरा बढ़ाएगी और देशव्यापी ड्रोन डिलीवरी नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिक से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे को और अधिक उन्नत बनाना है ताकि भविष्य की मांगों को आसानी से पूरा किया जा सके।
अफ्रीका से शुरू हुआ था अनूठा सफर
साल 2014 में स्थापित हुई ज़िपलाइन ने अपने परिचालन की शुरुआत अफ्रीकी महाद्वीप से की थी। शुरुआत में कंपनी ने रवांडा में अपने स्वायत्त ड्रोनों के जरिए रक्त और चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाने का काम किया था, जिसके बाद इसका विस्तार घाना और नाइजीरिया तक किया गया। कैलिफोर्निया स्थित इस कंपनी ने साल 2020 में अमेरिका में अपना पहला ऑपरेशन शुरू किया और नॉर्थ कैरोलिना में नोवांट हेल्थ को चिकित्सा उपकरण व जरूरी आपूर्तियां पहुंचाईं। इसके ठीक अगले साल कंपनी ने अमेरिकी रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट के साथ अपना कारोबारी अनुबंध किया।
रेगुलेटरी मंजूरी और अमेरिकी बाजार में तेजी
लेकिन साल 2022 का समय ऐसा रहा जब ज़िपलाइन का कारोबार अमेरिका के भीतर असल मायनों में तेजी से आगे बढ़ना शुरू हुआ। उसी वर्ष कंपनी को फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से पार्ट 135 एयर कैरियर सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ, जो लंबी दूरी की कमर्शियल ड्रोन डिलीवरी को अधिकृत करने वाली एक बेहद कठिन विनियामक बाधा थी। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद से कंपनी ने कई बड़ी साझेदारियां हासिल की हैं, जिनमें इस साल की शुरुआत में उबर के साथ हुई डील भी शामिल है, जिसके जरिए उबर ईट्स नेटवर्क में ड्रोन सेवाओं को जोड़ा गया।
विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं का प्रसार
वर्तमान समय में ज़िपलाइन अपने अत्याधुनिक ड्रोनों का उपयोग पांच अफ्रीकी देशों, अमेरिका के कई प्रमुख शहरों और जापान में भोजन, खुदरा सामान, कृषि उत्पादों और स्वास्थ्य से जुड़ी वस्तुओं की डिलीवरी के लिए कर रही है। कंपनी की होम डिलीवरी सेवा में प्लेटफॉर्म 2 ड्रोनों का इस्तेमाल होता है, जिन्हें अधिकतम आठ पाउंड वजन उठाने और 10 मील के दायरे में ग्राहकों तक पहुंचने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसके विपरीत, इसके बड़े प्लेटफॉर्म 1 ड्रोन लंबी दूरी के उन अभियानों के लिए उपयोग किए जाते हैं जो उद्यमों, व्यवसायों और सरकारी संगठनों के लिए 120 मील की गोल चक्कर यात्रा तय कर सकते हैं।
राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि और भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने हाल ही में आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस साल मार्च से अक्टूबर के बीच कुल डिलीवरी कारोबार में उसकी हिस्सेदारी 10.8 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 34.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह ताजा वित्तीय निवेश इसी अनुपात और आंकड़े को भविष्य में और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से किया गया है ताकि लॉजिस्टिक्स बाजार में कंपनी अपनी पकड़ को और मजबूत कर सके।



















