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राजगढ़ में मोबाइल पर विवाद के बाद पत्नी की हत्या, कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद की सजाअपराध
25 अग॰ 2026, 11:01 am (18 दिन पहले)· 2

राजगढ़ में मोबाइल पर विवाद के बाद पत्नी की हत्या, कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद की सजा

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में मोबाइल चलाने से रोकने पर एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की लोहे की रॉड और एयर पिस्टल से हत्या कर दी थी। अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के खुजनेर कस्बे में दो साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मोबाइल चलाने को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। राजगढ़ न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था, क्योंकि पति-पत्नी के बीच यह खूनी संघर्ष केवल रात के समय मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ था।

घटना की रात क्या हुआ था

राजगढ़ विशेष लोक अभियोजक अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खुजनेर में 04 मार्च 2024 की रात करीब 12 बजे आरोपी प्रखर उपाध्याय अपनी पत्नी वंदना के साथ मौजूद था। उस वक्त वह देर रात तक मोबाइल चला रहा था, जिस पर वंदना ने उसे ऐसा करने से मना किया। इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस और झगड़ा शुरू हो गया। गुस्से में आकर आरोपी पति ने लोहे की रॉड उठाई और वंदना के सिर पर एक के बाद एक तीन वार कर दिए। गंभीर चोट लगने के कारण वह पलंग पर ही अस्तर-बस्तर होकर गिर पड़ी। इसके बाद आरोपी ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं उठी तो उसने पास रखी एयर पिस्टल से उस पर फायर भी कर दिया। इस हमले में वंदना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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अदालत का फैसला और सजा

वारदात की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। मृतिका के परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने प्रखर उपाध्याय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अब इस बहुचर्चित मामले में राजगढ़ जिला न्यायालय में पदस्थ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लखन लाल गोस्वामी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत फैसला सुनाया है। घटना के दो साल बाद आए इस निर्णय में आरोपी प्रखर उपाध्याय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और साथ ही पांच हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

शादी के बाद से चल रहे थे विवाद

मृतिका के मामा गौतम दुबे ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया था कि वंदना का विवाह तीन साल पहले ही खुजनेर निवासी प्रखर के साथ हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों से ही दोनों के बीच मनमुटाव और लड़ाई-झगड़े शुरू हो गए थे। परिवार के लोगों को अक्सर उनके बीच चल रहे विवादों की जानकारी मिलती थी और कई बार परिजनों ने दोनों को आपस में समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिश भी की थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच अनबन कम होने के बजाय दिन-प्रतिदिन बढ़ती चली गई और आखिरकार यह खूनी अंजाम तक पहुंच गई।

वैज्ञानिक और ठोस सबूतों से हुई पुष्टि

जिला लोक अभियोजक अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने आगे बताया कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से सभी मौखिक और लिखित साक्ष्य मजबूती से रखे गए। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को भी अदालत के सामने पेश किया गया। फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों के जरिए यह साबित हुआ कि बरामद की गई रॉड पर आरोपी की उंगलियों के निशान मौजूद थे, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि इस जघन्य वारदात को प्रखर उपाध्याय ने ही अंजाम दिया था। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।

सवाल-जवाब

यह घटना कहाँ और कब हुई थी?
यह घटना 04 मार्च 2024 की रात को मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के खुजनेर कस्बे में हुई थी।
पति ने पत्नी की हत्या क्यों की थी?
पति देर रात मोबाइल चला रहा था और पत्नी द्वारा मना किए जाने पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।
आरोपी पति का क्या नाम है?
आरोपी पति का नाम प्रखर उपाध्याय है।
अदालत ने आरोपी को क्या सजा सुनाई है?
राजगढ़ जिला न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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