रूस में बेहतर कमाई और उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर घर से निकले रायपुर के 38 वर्षीय युवक टिकेश्वर साहू अब एक गंभीर संकट में घिर चुके हैं। उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के माध्यम से डिलीवरी बॉय के पद पर नौकरी का एक आकर्षक प्रस्ताव मिला था। अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और पत्नी तथा बच्चों को एक बेहतर जीवन देने की उम्मीद के साथ उन्होंने सितंबर के महीने में रूस का रुख किया था। हालांकि, रूस की धरती पर कदम रखने के कुछ ही दिनों के भीतर हालात पूरी तरह से पलट गए। परिवार का गंभीर आरोप है कि टिकेश्वर को एक झूठे मामले में उलझाकर हिरासत में ले लिया गया है और इसके साथ ही उन पर रूसी सेना का हिस्सा बनने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जिस विदेश यात्रा की शुरुआत एक बेहतर नौकरी की उम्मीद से हुई थी, वह अब परिवार के लिए उनकी सुरक्षित वतन वापसी की एक लंबी और तनावपूर्ण लड़ाई बन गई है।
टेलीग्राम के जरिए मिला था डिलीवरी एजेंट का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रहने वाले टिकेश्वर साहू पहले स्थानीय स्तर पर एक स्टोर मैनेजर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। परिजनों के अनुसार, उन्हें टेलीग्राम एप्लीकेशन के मार्फत रूस में डिलीवरी एजेंट का काम करने का ऑफर दिया गया था। प्रस्ताव में उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि शुरुआत में उन्हें टूरिस्ट वीजा पर रूस बुलाया जाएगा और बाद में उस वीजा को वर्क वीजा में तब्दील कर दिया जाएगा। बेहतर आर्थिक अवसरों के लालच में वह सितंबर के दौरान रूस रवाना हो गए थे। उनकी सोच थी कि वहां स्थिर होने के बाद वह अपनी पत्नी, अपने दो बच्चों और माता-पिता को भी रूस बुला लेंगे। लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें कथित तौर पर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया, जिससे पूरे परिवार की उम्मीदें टूट गईं।
झूठे मामलों में फंसाने और जेल में डालने का दावा
परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर को टिकेश्वर से परिवार की आखिरी बार सामान्य बातचीत हुई थी। उसके कुछ दिनों बाद रूस के एक अज्ञात नंबर से उनके घर पर एक हाथ से लिखा हुआ खत पहुंचा। इस पत्र में टिकेश्वर ने लिखा था कि उन्हें नशीले पदार्थों से जुड़े किसी मामले में साजिश के तहत झूठा फंसा दिया गया है। इस घटना के बाद परिजनों की उनसे लगभग पांच मिनट की वीडियो कॉल पर बातचीत हुई, जिसने घरवालो की चिंता और ज्यादा बढ़ा दी। परिवार के एक करीबी सदस्य ने इस बारे में बताया कि वे फोन पर बेहद फफक कर रो रहे थे और उन्होंने बताया कि वे जेल के अंदर हैं तथा उन पर रूसी सेना की तरफ से युद्ध में उतरने का दबाव डाला जा रहा है।
रूसी सेना में जबरन शामिल करने और स्वास्थ्य बिगड़ने का संकट
परिवार का स्पष्ट आरोप है कि टिकेश्वर को यूक्रेन के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष में रूसी सेना की ओर से लड़ने के लिए विवश किया जा रहा है। हालांकि, इन तमाम आरोपों और उनकी हिरासत से जुड़ी परिस्थितियों की किसी स्वतंत्र माध्यम से पुष्टि नहीं हो पाई है। टिकेश्वर की पत्नी मनोरमा ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें कानूनी सहायता मुहैया कराई जाए और जल्द से जल्द भारत सुरक्षित वापस लाया जाए। परिवार के लिए एक और बड़ी चिंता उनकी बिगड़ती सेहत है। परिजनों का कहना है कि टिकेश्वर थायरॉइड की बीमारी से पीड़ित हैं और जेल के भीतर उन्हें समय पर नियमित दवाइयां तक नहीं दी जा रही हैं। इसके अलावा हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
वकील की नियुक्ति और सरकारी स्तर पर गुहार
टिकेश्वर को इस मुसीबत से बाहर निकालने के लिए उनके परिवार ने रूस में ही एक निजी वकील को काम पर रखा है। परिजनों के अनुसार, अब तक केवल कानूनी मदद और वकील की फीस पर लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। गत 22 अक्टूबर को वकील ने परिवार को सूचित किया था कि ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाने की वजह से टिकेश्वर को एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। परिवार ने इस मामले को लेकर भारतीय दूतावास और रूसी दूतावास दोनों से संपर्क साधा है। इसके अलावा राज्य पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं से भी मदद की गुहार लगाई गई है। साथ ही, प्रधानमंत्री के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर भी इस बाबत औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।
बिलासपुर के विनीत कुमार दुबे का मिलता-जुलता मामला
रूस में फंसे टिकेश्वर साहू का यह पूरा वाकया छत्तीसगढ़ के ही बिलासपुर जिले के रहने वाले 21 वर्षीय विनीत कुमार दुबे के प्रकरण से काफी हद तक मेल खाता है। विनीत भी टेलीग्राम के जरिए आए नौकरी के लुभावने प्रस्ताव के झांसे में आकर टूरिस्ट वीजा पर रूस गए थे। दोनों ही परिवारों का यह مشترका आरोप है कि इन युवकों को भारत से रवाना होने से पहले वहां के काम की वास्तविक प्रकृति और हालात के बारे में बिल्कुल अंधेरे में रखा गया था और सही जानकारी नहीं दी गई थी। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें साहू के परिवार की तरफ से शिकायत मिल चुकी है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे राज्य के गृह विभाग को भेजा जाएगा, जिसके बाद गृह विभाग इसे आगे की कार्रवाई के लिए विदेश मंत्रालय के पास प्रेषित करेगा। फिलहाल पूरा परिवार टिकेश्वर की स्वास्थ्य स्थिति और उनकी रिहाई से जुड़ी किसी भी सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहा है।

















