मुंबई की सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिससे बॉलीवुड गलियारों में हड़कंप मच गया है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के निशाने पर केवल एक ही अभिनेता नहीं था, बल्कि जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि सलमान खान के अलावा संजय दत्त और टाइगर श्रॉफ भी इस खतरनाक सिंडिकेट की हिटलिस्ट में शामिल थे। गिरोह के गुर्गों ने इन फिल्मी हस्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर साजिश रची थी और इसके लिए मुंबई में बाकायदा रेकी भी की गई थी। अधिकारियों की पूछताछ में इन सनसनीखेज खुलासों ने सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
हरियाणा से मुंबई पहुंचे थे दो शूटर
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस आपराधिक साजिश को अंजाम देने के लिए हरियाणा के सोनीपत से दो कम उम्र के शूटर मुंबई भेजे गए थे। इन दोनों आरोपियों की उम्र 19 साल बताई गई है, जिनके नाम रेहान और फूल सिंह हैं। ये दोनों सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में मध्य प्रदेश से एक अवैध देसी हथियार साथ लेकर मुंबई पहुंचे थे। हालांकि, जब इन्होंने इलाके में रेकी करने की योजना बनाई, तो उस दिन उन्होंने अपने पास मौजूद हथियार को अपने होटल के कमरे में ही छोड़ दिया था ताकि किसी को शक न हो। इन दोनों को इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए खास तौर पर निर्देश दिए गए थे।
गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर कड़ी सुरक्षा
अक्टूबर के पहले हफ्ते में ये दोनों शूटर बांद्रा स्थित सलमान खान के निवास गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर पहुंचे। इस नापाक साजिश के मुख्य हैंडलर अनिल पंडित के आदेश पर उन्होंने अभिनेता के घर की रेकी की थी। जब उन्होंने वहां पहुंचकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, तो उन्हें समझ आ गया कि वहां सीधा हमला करना नामुमकिन है। इसके बाद उन्होंने एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए अपने हैंडलर अनिल पंडित को इसकी पूरी जानकारी दी। हालात भांपते हुए पंडित ने उन्हें बॉलीवुड के दूसरे बड़े सितारों के घरों का रुख करने और वहां की गतिविधियों के विस्तृत वीडियो बनाने का फरमान सुनाया।
ऑटो रिक्शा से शुरू हुई दूसरे स्टार्स की तलाश
गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के पास से निकलने के बाद दोनों युवकों ने एक ऑटो रिक्शा किराए पर लिया और शहर के दूसरे हिस्सों की तरफ निकल पड़े। ऑटो चालक ने 400 रुपये में उन्हें अलग-अलग अभिनेताओं के घरों तक ले जाने की हामी भरी। ये लोग सबसे पहले आमिर खान और इमरान हाशमी के आवास के बाहर पहुंचे। इसके बाद वे पाली हिल स्थित संजय दत्त के घर पर गए, जो उस दिन उनकी इस यात्रा का अंतिम पड़ाव था। वहां पहुंचकर उन्होंने यह टटोलने की कोशिश की कि क्या संजू बाबा घर के अंदर मौजूद हैं या नहीं। उन्होंने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई पुख्ता जानकारी हाथ नहीं लगी। इसके अलावा, घर के मुख्य द्वार पर बड़े-बड़े पेड़ होने के कारण अंदर की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद कठिन साबित हुआ।
सोशल मीडिया रील्स से की जा रही थी पहचान
जब जमीनी स्तर पर सीधी जानकारी नहीं मिल पाई, तो इन शूटरों ने डिजिटल दुनिया का सहारा लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो खंगालने शुरू किए ताकि संजय दत्त के घर से निकलने के रास्तों और उनकी गाड़ियों की पहचान की जा सके। वे यह पता लगाने की जुगत में थे कि अभिनेता किस मंजिल पर रहते हैं, उनके साथ कौन लोग रहते हैं और वे किस कार का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने वीडियो में दिख रही गाड़ियों का मिलान इमारत के बाहर खड़ी कारों से करने का भी प्रयास किया। हालांकि, वे न तो सही कार पहचान पाए और न ही अभिनेता के फ्लैट की सटीक जानकारी हासिल कर सके, जिसके बाद वे वहां से लौट आए।
सलमान खान के करीबी दोस्तों को निशाना बनाने की रणनीति
संजय दत्त और सलमान खान दशकों से गहरे दोस्त और सह-कलाकार रहे हैं। जांच में शामिल सूत्रों का कहना है कि जब बिश्नोई गैंग को सलमान खान तक सीधे पहुंचने में नाकामी हाथ लगी, तो उसने उनके करीबी सहयोगियों और दोस्तों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के दौरान भी कुछ इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला था। इसके अलावा, संजय दत्त के पुराने कानूनी मामलों की पृष्ठभूमि को देखते हुए भी इस गिरोह ने उन्हें एक आसान निशाना मानकर उनके पीछे अपने गुर्गे लगाए थे।
टाइगर श्रॉफ पर केंद्रित हुआ अगला प्लान
जब शूटरों ने संजय दत्त की रेकी से जुड़े वीडियो और अपडेट हैंडलर अनिल पंडित को भेजे, तो उन्हें बाकी सितारों को छोड़कर अपनी पूरी ऊर्जा टाइगर श्रॉफ पर केंद्रित करने का निर्देश मिला। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने खुलासा किया कि अनिल पंडित ने उन्हें बताया था कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू में पुष्पा पार्क के पास जामनबाई नरसी इंटरनेशनल स्कूल के खेल मैदान में आते हैं। वहां उनके साथ कोई भारी-भरकम सुरक्षा दस्ता मौजूद नहीं होता है। फिलहाल स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और गैंग के अगले मंसूबों को नाकाम करने में जुटी हैं।



















