गुजरात के सूरत शहर में रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। भेसान और हजीरा को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित एक पार्किंग परिसर के भीतर टैंकर से सीधे घरेलू सिलेंडरों में गैस स्थानांतरित की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने घेराबंदी करके मौके पर दबिश दी और इस खतरनाक गतिविधि में लगे नौ व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। इस ठिकाने से सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए भरी गई गैस की बड़ी खेप पकड़ी गई है।
छापेमारी के दौरान बरामदगी का ब्योरा
जांच दल जब पार्किंग परिसर में दाखिल हुआ, तब वहां एक बड़ा एलपीजी टैंकर खड़ा मिला जिससे पाइप जोड़कर कतार में रखे सिलेंडरों को भरा जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की तलाशी लेते हुए कुल 84 ऐसे सिलेंडर जब्त किए जिनमें अवैध रूप से गैस भरी जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त परिसर से चार खाली सिलेंडर और गैस ट्रांसफर करने के काम में लाई जा रही तीन विशेष पाइपें भी कब्जे में ली गईं। भीड़भाड़ वाले इलाके के पास बिना किसी अग्निशमन या सुरक्षा इंतजाम के यह काम खुलेआम चल रहा था।
सुरक्षा गार्ड की मिलीभगत और किराये का खेल
प्राथमिक जांच और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य कर्ताधर्ता पवन सिंह गुज्जर नाम का व्यक्ति है। पवन सिंह ने इस गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए महेश जांजवडिया से संपर्क साधा था, जो उसी पार्किंग स्थल पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था। महेश ने जमीन के वास्तविक मालिक को बिना कोई भनक लगे परिसर का एक हिस्सा पवन सिंह को 12 हजार रुपये प्रतिमाह के किराये पर दे दिया। जगह हाथ में आने के बाद पवन ने गैस भरने और सिलेंडरों की ढुलाई संभालने के लिए अन्य सहायकों को दिहाड़ी और कमीशन पर तैनात कर लिया।
गेल का टैंकर और पकड़े गए आरोपियों की पहचान
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लक्ष्मण सिंह रावत सरकारी कंपनी गेल से जुड़ा एलपीजी टैंकर चलाकर उस सुनसान पार्किंग में लाया था। टैंकर के रुकते ही पवन सिंह के साथी पाइपों के जरिए गैस निकालकर सिलेंडरों में भरने के काम में जुट जाते थे। मौके से पकड़े गए सभी नौ लोगों का विवरण पुलिस ने साझा किया है। इनमें 26 वर्षीय मुख्य आरोपी पवन सिंह गुज्जर, 35 वर्षीय सुरेश बोरीवाला, 35 वर्षीय सुरक्षा गार्ड महेश जांजवडिया, 26 वर्षीय पंकज सिंह ठाकुर, 28 वर्षीय देवा सिंह, 28 वर्षीय सुभाष सिंह राजपूत, 24 वर्षीय विशाल भाभोर, 26 वर्षीय दीपक भाभोर और 53 वर्षीय टैंकर चालक लक्ष्मण सिंह रावत शामिल हैं।
सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा और आगे की जांच
पुलिस प्रशासन ने पकड़े गए सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति एवं वितरण विनियमन आदेश की सुसंगत धाराओं को भी मुकदमे में जोड़ा गया है। डीसीपी शैफाली बरवाल ने बताया कि अधिकारियों को इस ठिकाने पर चल रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई। जांच अधिकारी अब इस बात की कड़ियां जोड़ रहे हैं कि अवैध रूप से भरे गए इन सिलेंडरों की आपूर्ति किन होटलों, कारखानों या स्थानीय बाजारों में की जानी थी और इस सिंडिकेट के तार किन अन्य लोगों से जुड़े हैं।



















