दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक जिम ट्रेनर को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। मृतक की पहचान विजय के रूप में हुई है, जो इलाके के एक स्थानीय फिटनेस सेंटर में युवाओं को प्रशिक्षण देता था। वारदात के वक्त चारों हथियारबंद हमलावरों ने अपने चेहरे हेलमेट से पूरी तरह ढक रखे थे। इस अचानक हुए जानलेवा हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करते हुए अपराधियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमें गठित कर दी हैं।
जिम से बाहर बुलाकर दागीं ताबड़तोड़ गोलियां
घटनाक्रम का विवरण देते हुए मृतक विजय के चाचा नरेंद्र ने बताया कि विजय अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार आया नगर स्थित जिम में ट्रेनिंग देने के लिए पहुंचा था। सुबह के समय वहां कुछ अन्य लोग भी कसरत कर रहे थे। जब बाकी लोग अभ्यास पूरा करके चले गए, तब विजय जिम के अंदर अपना सामान व्यवस्थित करने लगा। इसी बीच चारों हथियारबंद हमलावर वहां पहले से घात लगाकर बैठ गए। हमलावरों ने खुद अंदर जाने के बजाय बाहर खड़े एक अज्ञात व्यक्ति के जरिए विजय को बाहर बुलवाया।
जैसे ही विजय जिम के दरवाजे से बाहर निकला, घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे संभलने का कोई मौका नहीं दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में कई गोलियां लगने के कारण विजय जमीन पर गिर पड़ा और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक चारों हमलावर मौके से भागने में सफल रहे। पीड़ित परिवार को इस खौफनाक वारदात की खबर लगभग 11:45 बजे मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
कोर्ट में पेशी और पुरानी रंजिश का एंगल
इस हत्याकांड के पीछे मृतक के परिवार ने पुरानी रंजिश को मुख्य वजह बताया है। मृतक की बहन के अनुसार, सोमवार को एक पुराने मुकदमे के सिलसिले में विजय की अदालत में तारीख तय थी। परिवार उसकी कानूनी जमानत की औपचारिकताओं को पूरा करने की कोशिशों में जुटा था, लेकिन अदालत पहुंचने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। बहन ने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे इस साजिश में सीधे तौर पर शामिल हैं।
परिजनों का कहना है कि पूर्व में गांव के भीतर एक अन्य व्यक्ति की हत्या की घटना हुई थी। उस मामले में विजय पर गाड़ी चलाने का आरोप लगा था और उसका नाम जांच में सामने आया था। परिवार का दावा है कि उसी पुरानी घटना के प्रतिशोध में विजय को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया है।
रतन हत्याकांड और 72 राउंड गोलियों का पुराना विवाद
मृतक के चाचा नरेंद्र ने इस दुश्मनी के ऐतिहासिक संदर्भ का खुलासा करते हुए बताया कि गांव में पहले रतन नाम के एक व्यक्ति की नृशंस हत्या की गई थी। उस घटना में हमलावरों ने करीब 72 राउंड गोलियां बरसाकर इलाके को दहला दिया था। परिजनों को पक्का अंदेशा है कि रतन हत्याकांड से जुड़े लोगों अथवा उनके करीबियों ने ही विजय से बदला लेने के लिए यह खूनी कदम उठाया है।
नरेंद्र का यह भी आरोप है कि रतन की हत्या के मुकदमे में विजय का नाम जबरन घसीटा गया था, जबकि उसका उससे कोई सीधा सरोकार नहीं था। इसी नामजदगी के चलते विरोधी पक्ष लगातार विजय से रंजिश पाले हुए था और अंततः सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
पारिवारिक जिम और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल
मिली जानकारी के अनुसार, जिस जिम में विजय ट्रेनर के तौर पर कार्यरत था, वह उसके अपने ही परिवार के बब्बू नामक व्यक्ति का है। वारदात के तुरंत बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने जिम और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है।
जांच अधिकारी फुटेज के माध्यम से हमलावरों के आने-जाने के रास्तों और उनके भागने की दिशा का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस की विभिन्न टीमें आरोपियों की पहचान पुख्ता करने के साथ-साथ रंजिश के सभी पहलुओं, पूर्व आपराधिक मामलों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की बारीकी से जांच कर रही हैं।



















