त्योहारों के मौसम में घर जाने वाले मुसाफिरों के दबाव को नियंत्रित करने के मकसद से राजधानी के रेलवे परिसरों में प्रवेश के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा के मद्देनजर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली गाड़ियों में भारी रश देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में उत्तर रेलवे प्रशासन ने दिल्ली क्षेत्र के व्यस्ततम रेलवे परिसरों में प्लेटफॉर्म टिकट जारी करने की प्रक्रिया 3 नवंबर से अस्थाई तौर पर बंद रखने का फैसला किया है, ताकि अनावश्यक आवाजाही को रोका जा सके और भगदड़ जैसी अप्रिय स्थिति न बने।
इन तारीखों तक नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट
प्रशासन की ओर से लागू यह पाबंदी 3 नवंबर से प्रभावी होकर 14 नवंबर तक जारी रहेगी। इस प्रतिबंध के दायरे में राजधानी और उसके आसपास के छह व्यस्त स्टेशन शामिल किए गए हैं। इनमें नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, आनंद विहार हॉल्ट तथा गाजियाबाद जंक्शन शामिल हैं। इन सभी जगहों पर काउंटर से मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकटों का वितरण रोक दिया गया है, ताकि केवल वैध यात्रा टिकट धारक ही प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकें।
बुजुर्गों और बीमार मुसाफिरों के सहायकों को विशेष राहत
आम दर्शकों अथवा छोड़ने आने वाले परिजनों के लिए भले ही प्रवेश सीमित कर दिया गया हो, लेकिन विशेष श्रेणी के यात्रियों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, अशक्त या जरूरतमंद मुसाफिरों के साथ आने वाले परिजनों को बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों, बीमार व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, अशिक्षित मुसाफिरों और ऐसी महिला यात्रियों की मदद के लिए आने वाले तीमारदारों को प्लेटफॉर्म टिकट के नियमों में जरूरी रियायत दी जाएगी, जिससे वे सुरक्षित ढंग से बोगी तक पहुंच सकें।
अजमेरी गेट पर तैयार हुआ स्थायी यात्री होल्डिंग एरिया
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से अवसंरचना स्तर पर भी एक बड़ा बदलाव किया गया है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 16 के बाहर, अजमेरी गेट की तरफ एक नया स्थायी यात्री होल्डिंग परिसर विकसित किया गया है। पिछले वर्षों के दौरान त्योहारों पर अस्थायी शामियाने या टेंट लगाए जाते थे, लेकिन इस बार इसे स्थायी रूप दिया गया है। यह नया ढांचा स्टेशन परिसर में पहले से मौजूद 6,000 वर्ग मीटर के यात्री सुविधा केंद्र के अलावा तैयार किया गया है।
अजमेरी गेट दिशा से स्टेशन में दाखिल होने वाले यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जाने के बजाय पहले इसी होल्डिंग एरिया में रोका जा रहा है। यात्रियों के सामान की मुस्तैदी से जांच के लिए यहां बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही, कतारबद्ध आवागमन सुनिश्चित करने और भीड़ को संभालने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
पार्सल की बुकिंग तथा लोडिंग-अनलोडिंग पर कड़ी बंदिशें
स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों और रास्तों पर वाणिज्यिक पार्सल के बड़े-बड़े बंडलों की वजह से यात्रियों की राह में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं। 3 नवंबर से लेकर 15 नवंबर की अवधि तक विभागीय बुकिंग पूरी तरह स्थगित रहेगी। इसके अलावा 5 नवंबर से 15 नवंबर के बीच नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर सभी किस्म के पार्सल की लोडिंग तथा अनलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, इस पाबंदी के बीच परिचालन संबंधी कुछ व्यवस्थाओं को चालू रखा गया है। आनंद विहार टर्मिनल की वॉशिंग और स्टेबलिंग लाइन पर पार्सल चढ़ाने और उतारने की अनुमति जारी रहेगी। इसी प्रकार हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर 5 से 15 नवंबर तक पार्सल के चढ़ाने-उतारने पर रोक रहेगी, लेकिन वहां की VP साइडिंग को इस नियम से छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त, दैनिक सूचना प्रसार से जुड़े पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के पार्सल बुक करने की अनुमति नियमानुसार बरकरार रखी गई है।



















