उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में परिसरों के भीतर पढ़ाई के माहौल को खराब करने और गैरकानूनी हरकतों में संलिप्त रहने वाले विद्यार्थियों पर पुलिस और शिक्षण संस्थानों का शिकंजा कस गया है। शहर में लगातार बढ़ रही मारपीट, हुड़दंग और नशीले पदार्थों के सेवन जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार की गई विशेष सूची के आधार पर संस्थानों ने यह बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
पुलिस की रिपोर्ट पर संस्थानों का बड़ा फैसला
देहरादून पुलिस ने विभिन्न यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में सक्रिय ऐसे 98 छात्रों की विस्तृत सूची तैयार की थी जो किसी न किसी रूप में आपराधिक गतिविधियों या अनुशासनहीनता में लिप्त पाए गए थे। इस रिपोर्ट को संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को भेजा गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई सामने आई है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर अमल करते हुए संस्थानों ने कुल 84 विद्यार्थियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि गंभीर मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर 4 छात्रों को कॉलेज से हमेशा के लिए टर्मिनेट कर दिया गया है।
भविष्य में भी जारी रहेगी सख्त निगरानी
प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिसरों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल को बनाए रखने के लिए इस तरह की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि छात्र जीवन की आड़ में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सड़क हादसों और अन्य मामलों में भी छात्रों की लापरवाही को लेकर चिंता जताई जाती रही है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां अब परिसरों के आसपास और हॉस्टल क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरत रही हैं ताकि युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सके।


















